ब्रिटेन के अंडे क्यों है सेहत के लिए सबसे सुरक्षित

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जयपुर। टाइफायड जीवन के लिए एक खतरनाक रोग है जो कि साल्मोनेला टाइफी जीवाणु से होता है। टाइफायड के प्रणेता साल्मोनेला टाइफी नाम का जीवाणु   है। सलमोनेल्ला टायफी केवल मानव मूत्र में ही पाया जाता है। ब्रिटेन की पूर्व हेल्थ मिनिस्टर एडविना कुरी ने दिसंबर 1988 में कहा था कि अंडों में साल्मोनेला बेक्टेरिया होता है।

यह बेक्टेरिया सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। पिछले साल ही लॉयन मार्क वाले अंडों को गर्भवति महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित घोषित कर दिया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि अब अंडों में खतरनाक बैक्टेरिया का खतरा बहुत ही कम है।

उनके इस बयान से ब्रिटेन के लोगों में हड़कंप मच गया था। अंडों में साल्मोनेला की कुछ समस्या पायी गई थी। फिर ब्रिटेन ने अंडों का उत्पादन करने वालों ने एक वेक्सिनेशन प्रोग्राम शुरू कर दिया था।

उसके बाद ब्रिटेन के अंडे दुनिया में सबसे ज्यादा सुरक्षित माने जाने लगे हैं। वहां मार्केट में मिलने वाले ज्यादातर अंडो पर अब लॉयन मार्क लगा होता है, जो ये बताता है कि जिस मुर्गी ने ये अंडा दिया है उसे सोल्मोनेला से बचने का इंजेक्शन दिया गया था।

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