जीएसटी कांउसिल में ऑटोमोबाइल की नजरअंदाजी क्यों

0
58

जयपुर।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स परिषद की मीटिंग कल समपन्न हुई। ऑटोमोबाइल सेक्टर वर्तमान 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत की दर में कटौती की मांग कर रहा है, मगर कांउन्सिल द्वारा इस मांग को ठुकरा देने के बाद इस ऑटोमोबाइल सेक्टर के पास कुछ भी नहीं बचा है।

आपको बता दें सीतारमण ने पिछले सप्ताह कहा था कि जीएसटी परिषद कर दरों में कमी पर विचार करने के लिए ऑटो उद्योग की मांग पर फैसला करेगी। मगर सरकार ने मामूली राहत देकर अपना पल्ला झाड लिया। ऐसे में ऑटोमोबाइल उद्योग को सरकार से जो आस थी सरकार ने उस पर कुठारघात किया है।

इस पुरे मुद्दे पर SIAM के अध्यक्ष राजन वढेरा ने कहा कि ऑटो उद्योग को जीएसटी कटौती की बहुत उम्मीद थी। यह स्पष्ट है कि वाहनों पर जीएसटी दर में 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक की कमी नहीं की गई है। 10-13 सीटों वाले उप-खंड, जो 4 मीटर से कम है। ने जीएसटी मुआवजा उपकर में कमी देखी है सरकार द्वारा एक सकारात्मक पहल है। सियाम ने 10-13 सीट वाले वाहनों के पूरे खंड के लिए क्षतिपूर्ति उपकर समाप्त करने का अनुरोध किया था, हालांकि, लाभ आंशिक रूप से मिला है।

ऐसे में अब ऑटोमोबाइल सेक्टर का अगला कदम क्या होगा ये देखने लायक होने वाला है। सरकार के सख्त रवैये ने पुरे के पुरे सेक्टर पर पड रहे दबाव को और बढा दिया है।

गौरतलब है कि जुलाई 2019 में हुई अपनी 36 वीं बैठक में, जीएसटी परिषद ने सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर की दर को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। ऐसे में ये साफ नजर आता है कि सरकार ऑटोट्रांजिशन के मूड में पर क्या ये इतना आसान हो पायेगा कि भारत जैसा एक देश पूरी तरह इलैक्ट्रिक ट्रांसमिसन पर आ सकेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here