दो भाषा जानने वाले बच्चे क्यों होते हैं समझदार, जानियें

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जयपुर। आज कल हर कोई चाहता है कि उनका बच्चा अंग्रेजी बोले लेकिन आपको बता दे यह आपके बच्चों के लिए खतरनाक हो सकता है। इससे आपके बच्चे के दिमाग पर असर हो सकता है जो शायद आप लोग नहीं चाहेंगे। जैसा कि हम जानते है कि विदेश में रहने वाले बच्चे जो अपने घर में परिवार के साथ मातृभाषा में बात करते हैं और बाहर दूसरी भाषा बोलते हैं, वह बहुत अक्लमंद होते हैं। हाल ही में हुये एक नया अध्ययन से यह जानकारी मिली है

कि जो बच्चे घर में मातृ भाषा बोलते है वो बहुत ही समझदार होते है। ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि जो बचचे स्कूल में अलग भाषा बोलते हैं और परिवार के साथ घर में अलग भाषा का उपयोग करते हैं, वे बुद्धिमत्ता के अधिन होते है। मतलब जांच में उन बच्चों के मुकाबले अच्छे अंक लाए जो केवल गैर मातृभाषा जानते हैं। इस अध्ययन में ब्रिटेन में रहने वाले तुर्की के सात से 11 साल के 100 बच्चों को शामिल किया गया।

आईक्यू जांच में दो भाषा बोलने वाले बच्चों का मुकाबला ऐसे बच्चों के साथ किया गया जो सिर्फ अंग्रेजी ही बोलते हैं। तो नतिजा यह निकला कि वही बच्चे आगे निकले जो बच्चे दे भाषा का प्रयोग करते है। वैज्ञानिकों का मानना है कि  जो बच्चे अपनी मातृ भाषा का प्रयोग घर पर करते है और बाहर दूसरी भाषा का उपयोग करते है वो एक भाषा बोलने वाले से कई गुना अधिक बुद्धिमान होता है तो अपने बच्चे को अपनी मातृ भाषा जरूर बोलना सीखाये।

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