आखिर क्यों इस मंदिर में प्रवेश करने से डरते है लोग, कारण जानकर हैरान हो जाएंगे आप !

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दोस्तों, हमारे देश में लोग आस्था पर बहुत विश्वास करते है। विशेषकर मंदिरों को लेकर । क्योंकि हमारा देश धर्म को मानने वाला भी है और कर्म को भी । आपको बता दें कि प्राचीन समय से ही हमारे देश में मंदिरों को लेकर अनेक मान्यताएं रही है। आज हम आपको एक अनोखे मंदिर के बारे में बात रहे है जो घर की तरह नजर आता है। मगर इस मंदिर में जाने से आज भी लोग डरते हैं । यदि कोई पुरूष या स्त्री इस मंदिर के पास में चला भी जाता है तो वह इसके अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है।

ऐसा बताया जाता है कि बहुत से लोग मंदिर को बाहर से प्रणाम करके चले आते हैं। इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि इस मंदिर में धर्मराज यानी यमराज रहते हैं जो कि संसार में इकलौता मंदिर है । आपको बता दें कि यह मंदिर देश की राजधानी दिल्ली से करीब 500 किलोमीटर की दूरी पर हिमाचल के चम्बा जिले में स्थित है।

ऐसा बताया जाता है कि इस मंदिर में ही एक खाली कमरा भी है जिसे चित्रगुप्त का कमरा कहा जाता है। आप सब जानते हैं कि चित्रगुप्त यमराज के सचिव हैं जो जीवात्मा के कर्मो का लेखा-जोखा रखते हैं।
चित्रगुप्त जीवात्मा को उनके कर्मो का पूरा ब्योरा देते हैं इसके बाद चित्रगुप्त के सामने के कक्ष में आत्मा को ले जाया जाता है। इस कमरे को यमराज की कचहरी कहा जाता है।

जिसके बाद में यमराज उस आत्मा को उसके कर्मो के अनुसार ही दंड देते हैं। इसके साथ ही आपको बता दें कि इस मंदिर में चार अदृश्य द्वार हैं जो स्वर्ण, रजत, तांबा और लोहे के बने हैं।

यमराज का फैसला आने के बाद यमदूत आत्मा को कर्मों के अनुसार इन्हीं द्वारों से स्वर्ग या नर्क में ले जाते हैं। आपको बता दें कि गरूड पुराण में भी इन दरवाजों का उल्लेख किया गया है ।

 

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