नगालैंड में किसी की भी सरकार हो, भाजपा सत्ता में ज़रुर होगी शामिल

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उत्तर-पूर्व के तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में कल आए नतीजों में भाजपा ने नगालैंड और त्रिपुरा में अपना परचम लहरा दिया है। त्रिपुरा में तो भाजपा ने वाम दलों को कोसो दूर करते हुए प्रचंड बहुमत हासिल किया है। वहीं नगालैंड में भी भाजपा और उसके सहयोगी दल ने अपनी गाड़ी बहुमत के करीब पहुंचा दी है।

किस पार्टी को कितनी सीट

27 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने नेफ्यू रियो की पार्टी एनडीपीपी यानि कि नेशनल डेमोक्रेटिक पीपुल्स पार्टी से हाथ मिलाया था। भाजपा ने जहां 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किये थे, वहीं एनडीपीपी ने 40 सीटों पर। एनडीपीपी ने जहां 17 सीटों पर जीत हासिल की, वहीं भाजपा ने 12 सीटों पर। पिछली बार भाजपा को मात्र एक ही सीट हासिल हुई थी। इसके अलावा एनपीएफ जो कि कई सालों से नगालैंड में सत्ता में थी, ने 27 सीटों पर जीत हासिल की है। बाकी की 4 सीटों में 2 एनपीपी, 1 जदयू और 1 निर्दलीय के खाते में गई हैं।

नेफ्यू रियो

सत्ता का समीकरण

पहले इस बात को समझ लेना ज़रुरी है कि हम क्यों कह रहे हैं चाहे कि कुछ भी हो जाए भाजपा सत्ता में ज़रुर शामिल होगी। एनडीपीपी, एनपीएफ से टूट कर बनी पार्टी है। एनडीपीपी प्रमुख नेफ्यू रियो तीन बार तक एनपीएफ के तरफ से ही राज्य के मुख्यंत्री रह चुके हैं। भाजपा भी पिछली बार तक एनपीएफ के ही साथ थी, लेकिन इस बार उसने एनडीपीपी के साथ गठबंधन किया था। अब आते हैं, समीकरण पर। अगर अभी के गठबंधन के तरफ देखें तो भाजपा गठबंधन के खाते में हैं, 29 सीट। बहुमत के लिए चाहिये 31 सीट। जदयू जो कि बिहार में भाजपा की सहयोगी है, ने लिखित समर्थन का वादा दे दिया है। वहीं एकमात्र निर्दलीय विधायक टोंगपैम ओज़ुकुम ने भी ऐसा ही वादा भाजपा गठबंधन को दे दिया है। तो इस तरह से भाजपा गठबंधन आराम से बहुमत के आंकड़े यानि कि 31 सीट को छू लेगी।

टीआर ज़िलियांग

लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। भाजपा के प्रमुख नेता और केंद्रीय मंत्री किरण रिजजु ने कल ये बात बोल कर भी हलचल मचा दी थी कि अगर एनडीपीपी के साथ सत्ता का समीकरण नहीं बैठा तो वो वापस से एनपीएफ के साथ भी गठबंधन कर सकती है। एनपीएफ के साथ भाजपा का पुराना साथ रहा है तो ऐसा हो भी सकता है। इस तरह से भाजपा+एनपीएफ बहुमत से कहीं आगे जा सकती है। इसलिए हम ऐसा कह रहे हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए भाजपा सत्ता में ज़रुर रहेगी। वैसे एनपीएफ और एनडीपीपी अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है।

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