WHO की चेतावनी, कोरोना के घटते मामलों वाले देश भी रहें ‘सतर्क’

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ऐसे देश जहां कोविड -19 मामलों की संख्या में कमी आ रही है, उन्हें अभी भी ‘सतर्क’ रहने की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने डब्ल्यूएचओ के हेल्थ इमरजेंसी प्रोग्राम की टेक्निकल हेड मारिया वान केरखोव के हवाले से बताया, “यहां तक कि जैसे-जैसे मामलों की संख्या कम हो रही है, सभी देशों को सतर्क रहने की जरूरत है। आपने ऐसा पहले भी सुना है लेकिन हमें वास्तव में इस पर फिर से जोर देने की जरूरत है। यह अच्छा है कि लागू किए गए उपाय प्रभावी साबित हो रहे हैं। लेकिन हम वो नहीं देखना चाहते कि आप फिर से लॉकडाउन करने जैसी स्थिति में जाएं। लिहाजा सतर्क रहना बहुत जरूरी है।”

जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, दुनिया में कोरोनावायरस मामलों की कुल संख्या 6.15 करोड़ और मृत्यु संख्या 14 लाख से अधिक हो गई है। यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर सिस्टम साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसएसई) के शनिवार के अपडेट के मुताबिक दुनिया में 6,15,85,651 मामले और 14,41,875 मौतें हो चुकीं थी।

दुनिया में सबसे ज्यादा 1,30,86,367 मामले और 2,64,842 मौतें अमेरिका में दर्ज हुई हैं। इसके बाद 93,09,787 मामलों के साथ भारत दूसरे स्थान पर है जबकि देश में अब तक 1,35,715 जानें जा चुकीं हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

 

 

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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