कोरोना वायरस वैक्सीन के बारे में किये जा रहे भ्रामिक दावों को WHO ने किया खारिज

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जयपुर। कोरोना वायरस को प्रभावहीन करने के लिए कईं देशों में इसकी वैक्सीन का ट्रायल किया जा रहा है। तकरीबन 25 अलग अलग वैक्सीनों का ट्रायल जारी है। लेकिन कुछ वैक्सीन के विरोध में चलाए जा रहे ऑनलाइन अभियान चलाये जा रहे हैं। बता दें कि सोशल मीडिया पर वैक्सीन को लेकर एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि ये वैक्सीन इंसान के डीएनए में बदलाव ला देगा। वीडियो में कहा गया है, “कोविड-19 का वैक्सीन इस तरह से बनाया जा रहा है जो हमें आनुवांशिक तौर पर बदल देगा। वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि वैक्सीन हमें किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इंटरफेस से भी जोड़ देगा। हालांकि इस वीडियो में कोई प्रमाण नहीं दिया गया है।
ऐसे में भ्रम को दूर करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया कि विश्व भर में 25 अलग-अलग वैक्सीनों का ट्रायल चल रहा है लेकिन इसनें से कोई भी ऐसी वैक्सीन नहीं है जो इंसानों के डीएनए को प्रभावित करें। और ना ही किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इंटरफेस से जोड़ने की तकनीक उसमें मौजूद है। डब्लूएचओ ने बताया कि वैक्सीन इस तरह से बनाए जाते हैं कि वो हमारे इम्युन सिस्टम को वायरस से लड़ने के लिए तैयार करते हैं। यह भ्राम वीडियो कैरी मडेज की तरफ सवे जारी किया गया था। इसके अलावा कैरी मडेज ने कई गलत दावे किये बताया कि वैक्सीन के ट्रायल के दौरान इसके सुरक्षित होने को लेकर किसी भी वैज्ञानिक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है। हालांकि इन सभी दावों को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने खारिज कर दिया है।

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