जहां 3 लाख रुपए किलो है मीट, वहां के राष्ट्रपति ने ठुकराई अंतर्राष्ट्रीय मदद, कहा हम भिखारी नहीं

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जयपुर, वेनेजुएला में महंगाई का सामना कर रहे लोगों के विरोध के बाद सेना ने भी बगावत कर दी है। जिससे वहां के हालात और अधिक खराब हो गए हैं। वेनेजुएला सेना के कर्नल रुबेन पाज जिमेनेज ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरों की वफादारी खत्म करने की घोषणा की है। बता दें कि सेना ने भी विपक्षके नेता जुआन गुएडो का समर्थन किया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा है कि उनके 90 प्रतिशत जवान महंगाई से खुश नहीं है।

जिसके चलते वह सत्ता पक्ष सरकार के खिलाफ की घोषणा करते हैं। इस दौरान उनहोने सेना से कहा है कि वह जनता को मानवीय सहायता दें। उधर राष्ट्रपति निकोलस मादुरों का का कहना है कि वह अमेरिका से राहत सामग्री लेकर आ रहे जहाज को देश मे नहीं आने देंगे।

बता दें कि फिलहाल राहत सामग्री लेकर आ रहा जहाज कोलंबिया के कुकुटा में है। उनका कहना है कि यह अमेरिका के आक्रमण का अग्रदूत है। जानकारी के लिए बता दें कि वहा के हालात बहुत खराब हो गए हैं। जिसके चलते यहां पर महंगाई सातवें आसमान पर है।

यहां के हालात यह है कि एक ब्रेड की कीमत हजारों रुपए हो गए हैं। जबकि अगर कोई मीट खरीदता है तो 3 लाख रुपए उसकी कीमत है। साथ ही यहां पर लोगों को एक लीटर दूध के लिए 80 हजार रुपए देने पड़ रहे हैं। जिसके चलते वहां की सरकार का कहना है कि अन्य देश उनके हालात सुधारने में उनकी मदद करे।

उधर कोलंबिया का कहना है कि महज कुछ दिनों में ही वेनेजुएला के 10 लाख लोग उनके देश में आकर रहने लगे हैं। जिससे उनकी महंगाई दर भी बढ़ी है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि यहां की सरकार दिन रात नोट छापने में लगी हुई है। वहां के हालात बयां करती एक नर्स ने कहा है कि हम सब यहां पर अरब पति है। लेकिन फिर भी हम गरीब है।

 

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