..जब युवक ने रेस्टोरेंट में 2 ग्लास पानी के लिए वेटरस को थमा दी लाखों रुपए की टिप, जानिए क्यों ?

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अकसर जब भी होटल में खाना खाते हैं तो हम उस वेटर को टिप जरूर देते हैं मगर क्या आपने कभी सुना है कि कोई व्यकित एक ग्लिास पानी के लिए वेटर को लाखों रूपए की टिप दे दें । यदि आपने नहीं सुना तो आज हम आपको कुछ ऐसा ही बताने जा रहे है जिसके बाद में आप भी चौक जाएंगे ।

दरअसल, यह मामला अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना का हैं जहां पर एक शख्स ने वेटरस की सेवा से खुश होकर उसे करीब 10 हजार डॉलर यानी 7 लाख रुपए की टिप दे डाली । आपको बता दें कि यह पूरा मामला बीते शनिवार का हैं, जहां पर व्यक्ति रेस्टोरेंट में गया जहां पर उसने एक पानी का ग्लिास मंगवाया और उसके बदले में उसने उस वेटरस को करीब 10 हजार डॉलर का टिप दिया।

इतना ही नहीं जाते समय उसने एक नोट वहां पर छोडा जिस पर लिखा था कि स्वाद से भरे पानी के लिए धन्यवाद । आपको बता दें कि इस वेटरस का नाम अलीना कस्टर है जिसको यह टिप मिली ।

 


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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