..जब बेटे जुनैद ने मिलवाया पापा आमिर खान को अपनी गर्लफ्रेंड से

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बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान का बेटा जुनैद अपने पिता के ही नक्शेकदम पर चलते हुए अपने साथ पढ़ती रही सोनम वर्मा के साथ प्रेम की पींगें बढ़ा रहा है।

आपको बता दें कि आमिर खान की पूर्व पत्नी और जुनैद की मां आमिर खान का बचपन का प्यार थीं। आपको बता दें कि 21 साल के जुनैद खान और सोनम की पहली मुलाकात एचआर कॉलेज में हुई थी

 

जहां दोनों एक साथ पढ़ा करते थे। इसके साथ ही आपको बता दें​ कि वैसे आजकल सोनम वर्मा मीडिया स्टडीज़ में एमबीए कर रही हैं।

एक करीबी सूत्र ने जानकारी देते हुए कहा है कि दोनों पिछले एक साल से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं। मगर अब तक दोनों ने इस रिश्तें को सार्वजनिक नहीं किया है।

मगर अब दोनों को ही खुलकर सामने आने में कोई परेशानी नहीं होती है और दोनों को एक दूसरे के साथ देखा जा सकता है।

वैसे ऐसा लग रहा है कि जुनैद खान ने अपनी गर्लफ्रेंड सोनम वर्मा को अपने पिता आमिर खान से मिलवा दिया है।


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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