Pongal 2021: कब है पोंगल पर्व, जानिए इसका महत्व और 4 दिनों का कार्यक्रम

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नए साल के आते ही कई सारे पर्व और त्योहार शुरू हो जाते हैं जहां आज देशभर में लोहड़ी का पर्व मनाया जा रहा हैं वही इसके बाद मकर संक्रांति और पोंगल भी मनाया जाता हैं मकर संक्रांति को पोंगल के नाम से भी जानते हैं इसे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पेद्दा पांडुगा, कर्नाटक और महाराष्ट्र में मकर संक्रांति, तमिलनाडु में पोंगल, असम में माघ बिहू, मध्य और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में माघ मेला, पश्चिम में मकर संक्रांति, केरल में मगर वल्लकु के रूप में जाना जाता हैं भारत के कुछ भागों में यह मनाया जाता हैं इस दिन एक राक्षस मारा गया था। पोंगल का पर्व तमिल कैलेंडर के पहले महीने की शुरुआत बताता हैं। इस दिन कोलम बनाना, झूला झूलना और स्वादिष्ट भोजन पकाया जाता हैं। तो आज हम आपको इस त्योहार से जुड़ी जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं। इस साल यह पर्व 14 जनवरी, दिन गुरुवार से शुरू हो जाएगा और 17 जनवरी, दिन रविवार तक लगातार चार दिनों तक चलेगा। इस पर्व को दिन में ही मनाया जाता हैं। भोगी पोंगल मुख्य उत्सव होता हैं यह पोंगल के पहले दिन मनाया जाता हैं इस बार यह 14 जनवरी दिन गुरुवार को पड़ रहा हैं। थाई पोंगल, पोंगल का दूसरा दिन होता हैं यह 15 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाया जाता हैं मट्टू पोंगल तीसा दिन माना जाता है यह 16 जनवरी दिन शनिवार को पड़ रहा हैं। वही कन्नुम पोंगल, पोंगल त्योहार का आखिरी दिन माना जाता हैं यह 17 जनवरी दिन रविवार को मनाया जाता हैं

जानिए इस पर्व का महत्व—
पोंगल के दिन सूर्य भगवान की पूजा अर्चना की जाती हैं और उनसे भरपूर फसल की प्रार्थना भी की जाती हैं इसे अंग्रेजी में हार्वेस्टिंग फेस्टिवल भी कहा जाता हैं यह स्वादिष्ट भोजन से भी जुड़ा हुआ माना जाता हैं पोंगल पर्व दक्षिणी भारतीय राज्यों जैसे तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में प्रसिद्ध हैं।

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