गेहूं की बुवाई जोर पकड़ी, दलहन-तिलहन फसलों का रकबा घटा

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चालू रबी सीजन में गेहूं की बुवाई जोर पकड़ी है। पिछले साल के मुकाबले अब तक गेहूं के रकबे में तकरीबन सात फीसदी का इजाफा हुआ है। गेहूं के साथ-साथ ज्वार, बाजरा, रागी और जौ जैसे मोटे अनाजों की फसल लगाने में भी किसान दिलचस्पी ले रहे हैं, लेकिन दलहन व तिलहन फसलों की बुवाई में सुस्त चल रही है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से पिछले सप्ताह जारी रबी फसलों की बुवाई के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में गेहूं की बुवाई 150.74 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जोकि पिछले साल की इस अवधि के रकबे से 9.49 लाख हेक्टेयर यानी 6.71 फीसदी अधिक है। वहीं, दलहन फसलों की बुवाई 89.23 लाख हेक्टेयर में हुई है जोकि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 9.92 लाख हेक्टेयर यानी 10 फीसदी कम है। तिलहन फसलों का रकबा 60.31 लाख हेक्टेयर हुआ है जोकि पिछले साल से 3.38 लाख हेक्टेयर कम है।

कृषि विशेषज्ञों व कारोबारियों का कहना है कि किसानों को जिन फसलों का अच्छा दाम मिलता है वो वही फसल लगाने में दिलचस्पी लेते हैं।

कृषि विशेषज्ञ एवं केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर व्यापक पैमाने पर गेहूं की खरीद की जाती है जिससे किसानों को गेहूं का उचित भाव मिल जाता है, लेकिन दलहनों व तिलहनों की खरीद उस ढंग से नहीं होती है, इसलिए उनको इन फसलों का उचित भाव नहीं मिल पाता है।

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में सभी रबी फसलों का रकबा बीते शुक्रवार तक 338.20 लाख हेक्टेयर था जोकि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले महज 1.54 लाख हेक्टेयर कम है।

मोटे अनाजों वाली फसलों का रकबा पिछले साल से 1.47 लाख हेक्टेयर बढ़कर 29.75 लाख हेक्टेयर हो गया है, लेकिन रबी सीजन की प्रमुख दलहन फसल चने की बुवाई 61.59 लाख हेक्टेयर में हो पाई है जोकि पिछले साल से 6.81 लाख हेक्टेयर कम है। वहीं, मसूर का रकबा पिछले साल से 1.59 लाख हेक्टेयर घटकर 10.29 लाख हेक्टेयर रह गया है।

रबी सीजन की तिलहन फसलों में प्रमुख सरसों का रकबा पिछले साल से 3.18 लाख हेक्टेयर घटकर 55.40 लाख हेक्टेयर रह गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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