अगर जीडीपी ग्रोथ 5 से कम हो गई तो क्या होगा।

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जयपुर। हाल ही में आये नये आकंडों के आधार पर भारत के टॉप के अर्थशास्त्रीयों का मानना है कि आगे के समय में भारत की अर्थव्यवस्था वृद्धी का आंकडा 5 से भी कम हो सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था जो कुछ समय पहले तक 6.8 की दर से वृद्धी कर रही थी। उसका अब 5 से भी नीचे जाने का अनुमान काफी संकट की बात है। अब इसका सामान्य आदमी के जीवन पर क्या प्रभाव पडेगा ये समझना जरुरी है।

आपको बता दें, जीडीपी में गिरावट गरीबों को बुरी तरह प्रभावित करती है क्योंकि भारत सबसे असमान समाजों में से एक है, यह आपके बटुए को सबसे पहले हिट करता है जब भी मंदी दर्ज की जाती है। यह लोगों की औसत आय पर टोल लेता है और नौकरी के अवसरों को कम कर देता है।

अगर आप को आसान भाषा में समझाया जाये तो अगर आप 10,000 रुपये प्रतिमाह कमाते हैं और अगर जीडीपी ग्रोथ 6 प्रतिशत से 5 प्रतिशत आ जाती है। तो यह मासिक रुप से आप की आय वृद्धी में 100 रुपये की कमी करती है। ऐसे में आपकी वार्षिक आय वृद्धी पर इसका प्रतिव्यक्ति वार्षिक 1200 रुपये तक असर पडता है। जो आपकी वृद्धी को रोकदेता है।

वरिष्ठ अर्थशास्त्रीयों के अनुसार आम आदमी पर निम्न जीडीपी का प्रभाव धीमा पर काफी गहरा है। निम्न जीडीपी का मतलब प्रति व्यक्ति आय में अनुपातिक गिरावट है। इसके अलावा, अर्थव्यवस्था में उच्च असमानता को देखते हुए, यह बहुत संभावना है कि गरीब अमीर की तुलना में जीडीपी विकास दर में गिरावट से अधिक पीड़ित होंगे।

गौरतलब है कि इसे सीधे सीध हम ऐसे में समझ सकते है कि अब सरकार के लाभकारी योजनाऐं कम लोगों तक पहुंचेंगी। जो हमारे जैसे देश के लिए काफी बुरा है।

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