वॉट्सऐप में सेंध लगाने वाला पेगासस स्पाइवेयर क्या है, कैसे करता है काम?

0
312

जयपुर। व्हाट्सएप में हाल ही में एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया है कि भारत में हुए आम चुनावों के दौरान पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर निगरानी के लिए इजरायल के सॉफ्टवेयर पेगासस का उपयोग किया गया पुलिस चौकी खुलासा सेल्फ रेंस की को कि एक अमेरिकी संघीय अदालत में दायर हुए मुकदमे के बाद हुआ है।

आपको बता दें कि इस पूरे मामले को लेकर व्हाट्सएप ने आरोप लगाया है कि इजरायल एनएसओ समूह ने पेगासस के करीब 14 सौ व्हाट्सएप वो करता हूं को निशाना बनाया है। यह काम पर का सच नाम की एक सॉफ्टवेयर द्वारा किया गया है। इस तकनीक का विकास इजराइल साइबर सुरक्षा कंपनी एनएसओ ने किया है। इस पर एक ऐसा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम है जो आपकी कंप्यूटर और मोबाइल से गोपनीय और व्यक्तिगत जानकारी चुरा लेता है।

वहीं किसी की भी निगरानी करने के लिए पेगासस ऑपरेटर एक खास लिंग का तैयार करता है और उपभोग करता हूं उसे उस पर किसी भी तरह के क्लिक करवाता है। लिंक पर क्लिक करने के बाद ऑपरेटर को भोग करता हूं कि फोन की सुरक्षा में सेंध लगाने का अधिकार मिल जाता है और वह पेगासस को बिना उपयोगकर्ता की मंजूरी और जानकारी के उसके फोन में इंस्टॉल कर देता है।

नहीं आपको बता दें कि एक बार फोन की सुरक्षा में सेंध लगने और फिगर सेशन स्टॉल होने के बाद ऑपरेशन लोकप्रिय मोबाइल मैसेजिंग एप्स के सहारे उपयोगकर्ता के पासवर्ड, कांटेक्ट लिस्ट , टेक्स्ट मैसेज और लाइक वॉइस कॉल की जानकारी हासिल कर सकता है।

वह इसके अलावा आपको बता दें कि इसके साथ-साथ ऑपरेटर उपयोगकर्ताओं की गतिविधि की जानकारी के लिए फोन के कैमरे और माइक्रोफोन को भी ऑन कर सकता है। हाली मामले में जिस तरह से व्हाट्सएप के सहारे लोगों के फोन में सेंधमारी करी गई है उसे किसी भी लिंक करने की जरूरत नहीं कि यह काम केवल एक मिस्ड कॉल से ही किया गया, जिसके ऊपर तक होश वीडियो कॉल का जवाब देने की जरूरत नहीं होती थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here