भारत में क्या है ऑटो एक्सपो का इतिहास

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जयपुर। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में ऑटोमोबाइल के संबन्ध में एक कार्यक्रम ऑयोजित किया जाता है जिसे ऑटो एक्सपो कहा जाता है। ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में हुऐ विकास और भविष्य की झलक को दिखाने के लिए दुनिया के कई देशों में इसे आयोजित किया जाता है। भारत में भी हर दूसरे साल  ऑटो एक्सपो को आयोजित किया जाता है। अगर आप की रुचि गाडियों में है और आपको कार चलाना, बाइक चलाना आदि पसंद है तो यह आपके लिए एक बेहद शानदार जगह है। इस साल ये फरवरी में आयोजित होने वाला है। अगर आप को नही पता कि ऑटो एक्सपो क्या है और आप इसे समझना चाहते है तो ऑटो एक्सपो को जानने के लिए सबसे पहले आपको इसके इतिहास को जानना होगा।

आपको बता दें कि, भारत में ऑटो एक्सपो को आयोजित करवाने की कल्पना वर्ष 1985 में की गई थी और 1986 में इसका पहला बार आयोजन किया गया था। 9 दिवसीय शो को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा काफी प्रमोट किया गया था। इस शो का मुख्य उद्देश्य भारत में ऑटोमाबाइल के विकास में तेजी लाना और लोगों के मध्य लोकप्रिय बनाना था।

भारत में ऑटो एक्सपो 2012 तक, प्रगति मैदान नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। लेकिन 2014 के बाद से यह एनसीआर क्षेत्र – इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश में आयोजित किया जाता है। इसका आयोजन ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ACMA), भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है।

भारत में 2018 में चौदवां ऑटो एक्सपो आयोजित किया गया था, जो काफी सफल रहा था। अगले साल भारत में पंद्रहवां ऑटो एक्सपो आयोजित किया जायेगा। जिसकी शुरुआत फरवरी माह में होगी।

गौरतलब है कि वर्तमान हालात में ऑटो एक्सपो में मंदी का क्या असर होगा इसका अंदाजा लगाना जरा मुश्किल है, मगर इसका असर होगा जरुर। उम्मीद इस बात की भी है कि इस साल कई नये ब्रांड्स और कई पुराने ब्रांड्स के नये मॉडलों ने भारतीय सरजमीं पर कदम रखा है तो उनके साथ ये शो बेहतरीन नजर आने वाला है।

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