कोरोना के तीसरे चरण से बचाव के लिए क्या है देश की तैयारियाँ

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जयपुर हेल्थ। भारत कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण के किनारे पर खड़ा है। इस स्थिति को देखते हुऐ भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दिल्ली एम्स को कोरोना का केंद्र बनाया,  जहां से देशभर के डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ के ऑनलाइन ट्रेनिंग की शुरुआत की गई है।

इसके अलावा संक्रमण के तीसरे चरण को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार संभावित परिस्थितियों से मुकाबले की तैयारियों में लग गई है। देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने के साथ राज्यों में संक्रमित मरीजों के लिए विशेष अस्पताल बनाए जा रहे हैं।

वेंटिलेटर मंगाए जा रहे हैं और संक्रमण से मुकाबले के लिए रेलवे और सेना के संसाधनों के इस्तेमाल की योजना बनाई है। सेना ने 28 सर्विस हॉस्पिटल तैयार किए गये हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को वेंटिलेटर उत्पादन की जिम्मेदारी दी गई है।

डीआरडीओ स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित सूट के साथ संक्रमण को रोकने के प्रयास में लगी एजेंसियों को सैनिटाइजर और फेस मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा रेलवे ने ट्रेन के सामान्य कोच में आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है।

केन्द्र सरकार ने संक्रमण की बढती संख्यों को देखकर राज्य सरकार को वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए अलग से अस्पताल तैयार रखने का निर्देश दिया है। उन्हें मरीजों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए भी तैयार रहने को कहा गया है। जहां सरकार अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रही है, ऐसे में देश के नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी तब ही देश जल्द से जल्द इस संकट से बाहर निकल सकता है।

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