क्या है ऋण मेला ? क्या है इसके फायदे

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जयपुर। वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था काफी खस्ता हालत में है और इसे एक जबरदस्त पुश की आवश्यकता है। मंदी ने सभी देशी उद्योगपतियों की कमर तोड के रख दी है, जिसके कारण उन्है अपने व्यापार को कम करना पड रहा है जिससे कई लोगों की नौकरीयों पर तलवार लटक गई है। इस वर्तमान का तोड निकालने के लिए हमारी वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी ने एक रास्ता निकाला है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के प्रमुखों के साथ एक बैठक में बैंकों से देश भर के 400 जिलों में “ऋण मेलों” और शमियाना बैठकें आयोजित करने का आग्रह किया। ऋण मेला, 3 अक्टूबर को शुरू होने वाला है। सीतारमण ने अपने संबोधन में कहा कि ऋण मेले का आयोजन सार्वजनिक और खुदरा ऋण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कर रहे हैं।

आपको बता दें डिजिटल लेंडिंग कंपनी CASHe की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में, 23% वेतनभोगी सहस्राब्दी ने व्यक्तिगत ईएमआई पुनर्वित्त के लिए अल्पकालिक व्यक्तिगत ऋण लिया और 14% ने अपने ऋण का भुगतान करने के लिए फिर से उधार लिया। लेकिन विवेकाधीन खर्च और अन्य ऋणों को चुकाने के लिए ऋण लेना आपके और देश दोनों के लिए खतरनाक हो सकते है। एक त्योहारी सीजन के दौरान। लेकिन एक आसान ऋण आपको खर्च के साथ आगे बढ़ने के लिए लुभा सकता है

गौरतलब है कि इस योजना के कारण त्योहारी सीजन से पहले उपलब्ध होने वाले त्वरित और आसान ऋण राहत के रूप में आ सकते हैं, खासकर इस मंदी के महौल में। लेकिन ऋण लेने का मतलब है कि आपको इसे समय पर चुकाना होगा, और वो भी ब्याज के साथ। ऐसे में बिना आवश्यकता के ऋण लेने से परहेज करना ही उचित होगा।

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