बिहार में मौसम साफ, तापमान में मामूली वृद्धि

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बिहार की राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार को मौसम साफ और सुबह से धूप निकली है। इस बीच तापमान में मामूली वृद्घि दर्ज की गई है। शुक्रवार को राजधानी पटना का न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुरुवार को पटना का न्यूनतम तापमान 20़ 5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, राज्य के अन्य शहरों भागलपुर का शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस, गया का 18.7 डिग्री तथा पूर्णिया का 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि अगले 24 घंटे के दौरान बिहार के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा तथा रात और सुबह लोग ठंड का अहसास करेंगे।

विभाग का कहना है कि दो-चार दिनों के अंदर तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।

पटना का शुक्रवार को अधिकतम पारा 33.0 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने के आसार है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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