हम कड़ा मुकाबला करना चाहते हैं : जुर्गन क्लॉप

0
44

इंग्लिश क्लब लिवरपूल के मुख्य कोच जुर्गन क्लॉप ने पोटरे के खिलाफ मैच से पहले कहा कि उनकी टीम कड़ा मुकाबला करते हुए जीत दर्ज करना चाहती है।

लिवरपूल बुधवार देर रात यहां यूरोपीय चैम्पियंस लीग क्वार्टर फाइनल के दूसरे लेग में पुर्तगाली क्लब से भिड़ेगी। पहले लेग में इंग्लिश क्लब ने पोटरे को 2-0 से हराया था।

बीबीसी ने क्लॉप के हवाले से बताया, “हम अच्छी लय में हैं, हम फुटबाल खेलना चाहते हैं और कड़ा मुकाबला करना चाहते हैं। हम एनफील्ड पर मिले नतीजे का उपयोग करना चाहेंगे और बढ़े हुए आत्मविश्वास के साथ पोटरे का सामना करेंगे।”

क्लॉप ने कहा, “वे हमेशा बेहतरीन माहौल में जुझारू फुटबाल खेलते हैं। पहली किक से ही वे एक लक्ष्य को हासिल करने के लिए आगे बढ़ेंगे। अगर हम घरेलू मुकबाले से पहले 2-0 से पीछे होते तो क्या हम यह सोचते कि हम मुकाबले से बाहर हो गए हैं? बिल्कुल नहीं। पोटरे भी यही सोच रही है।”

लिवरपूल ने पिछले वर्ष चैम्पियंस लीग के फाइनल में जगह बनाई थी जहां उसे स्पेनिश दिग्गज रियल मेड्रिड ने शिकस्त दी थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleसैमसंग इंडिया ने गैलेक्सी ए70 पर से परदा हटाया, कीमत 28990 रुपये
Next articleबिहार : दूसरे चरण में होगा 68 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here