जल, जंगल, जमीन की लड़ाई हम सब मिलकर लड़ेंगे : राहुल गांधी

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छत्तीसगढ़ के कोटमी में सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर बरसे और कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनते ही उनका सबसे पहला काम किसानों का कर्ज माफ करना होगा।

कोटमी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि किसान और आदिवासियों में इतनी शक्ति है कि वे पूरे देश की तस्वीर बदल सकते हैं, लेकिन सरकारें किसानों का शोषण करती हैं। राहुल ने कहा, “केंद्र में सरकार बनते ही हमारा पहला काम किसानों का कर्ज माफ करना होगा।”

राहुल ने कहा कि जहां भी भाजपा की सरकार है, वहां गरीबों के हित में कोई कानून लागू नहीं होता। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में 15 साल से भाजपा की सरकार है, लेकिन लोग गुस्से में हैं। दोनों राज्यों में भ्रष्टाचार सीमाएं लांघ चुकी हैं, लेकिन मोदीजी कहते हैं न खाऊंगा, न खाने दूंगा।

वहीं 15 लाख रुपये हर व्यक्ति के खाते में आने के जुमले पर तंज कसते हुए राहुल ने पूछा, “चार साल बीत गए, कहां हैं हर खाते में 15 लाख रुपये।”

कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “निजी स्कूलों और अस्पतालों में लूटने की संस्कृति चल रही है और इसी संस्कृति को बदलने के लिए हम आपके लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। देश में सिर्फ 10-15 अमीर लोग खुश हैं।”

मंच पर पहुंचते ही छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी का गर्मजोशी से स्वागत किया। राहुल ने सबसे पहले गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के प्रमुख हीरा सिंह मरकाम को गले लगाया और उन्हें अपने बाजू में जगह दी।

राहुल गांधी के जंगल सत्याग्रह-आदिवासी किसान सम्मेलन के लिए पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व छत्तीसगढ़ इलेक्शन कैम्पेन कमेटी के चेयरमैन डॉ. चरणदास महंत की देखरेख में पिछले तीन दिनों से बड़ी तैयारियां की गई थीं।

राहुल की सभा के लिए 90 हजार वर्गफीट का डोम तैयार किया गया था। सभा में 26 हजार कुर्सियां भी लगवाई गईं थीं। सभा में 60 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने के आधार पर तैयारी थी। सभा बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पहली बार विशालकाय मंच पर राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेताओं सहित 30 लोगों ने मंच साझा किया।

मई महीने की चिलचिलाती धूप में भी दूर-दूर से गांव की महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग, युवा लोग राहुल गांधी की एक झलक देखने और उन्हें सुनने के लिए ललायित दिखे। दरअसल, देश की आजादी के बाद से आज तक यह कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है।

इस क्षेत्र के लोग गांधी-नेहरू परिवार के लोगों के प्रति काफी आस्था रखते हैं। देश की खातिर अपनी जान कुर्बान करने वाली इंदिरा गांधी के पौत्र और राजीव गांधी के पुत्र को देखने के लिए गांव के गांव कोटमी में उमड़ पड़े।

राहुल की सभा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और एकता परिषद कांग्रेस के साथ दिखी। दोनों संगठनों के अध्यक्ष अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ राहुल की सभा में मौजूद रहे।

सभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल, नेताप्रतिपक्ष टी.एस. सिंहदेव, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.चरणदास महंत, कार्यकारी अध्यक्ष रामदयाल उइके, विधायक जयसिंह अग्रवाल, मोतीलाल देवांगन, उमेश पटेल, दिलीप लहरिया, चुन्नीलाल साहू समेत कई नेता मौजूद रहे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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