वहाब रियाज ने कहा, मुझे खुद को साबित करना है

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दो साल बाद पाकिस्तान की विश्व कप टीम में चुने गए तेज गेंदबाज वहाब रियाज ने कहा है कि अब उनके ऊपर बहुत दबाव है और उन्हें खुद को साबित करना है।

33 वर्षीय रियाज ने बर्मिघम में 2017 में भारत के खिलाफ अपना पिछला वनडे मैच खेला था। इसके दो साल बाद अचानक से उनकी टीम में वापसी होना चयनकर्ताओं द्वारा हैरानी भरा फैसला है।

रियाज ने क्रिकइंफो से कहा कि वह विश्व कप में चुने जाने की खबरों से आश्चर्यचकित हैं, लेकिन खुश भी हैं।

उन्होंने कहा, “टूर्नामेंट में मेरे ऊपर काफी दबाव होगा क्योंकि मुझे खुद को साबित करना है, इसलिए चयनकर्ताओं ने मुझे चुना है। मैं दूसरे छोर से और मध्य ओवरों में अच्छी गेंदबाजी कर सकता हूं और विकेट दिला सकता हूं।”

रियाज पाकिस्तान के लिए अब तक 79 मैचों में 102 विकेट हासिल कर चुके हैं। वर्ष 1992 की विश्व विजेता पाकिस्तान को इस साल लगातार 10 मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।

तेज गेंदबाज ने आगे कहा, “हमने पिछले कुछ समय से अच्छा क्रिकेट खेला है। कई सारी सकारात्मक बातें जिससे हम अपना सकते हैं। निश्चित रूप से, हमने कुछ अहम मौकों पर मैच गवांए हैं और हमें पता है कि अब हमें इससे अच्छा करने की जरूरत है।”

पाकिस्तान को विश्व कप के अभ्यास मैच में अफगानिस्तान के हाथों हार का सामना करना पड़ा है।

रियाज ने कहा, “हर किसी को विश्व कप में एक नया पाकिस्तान देखने को मिलेगा। टीम की और खिलाड़ियों की तैयारियों के लिए अभ्यास मैच एक अच्छा मौका होगा। गेंदबाज अपने लय में लौट सकते हैं और बल्लेबाज यहां की परिस्थितियों को समझ सकते हैं। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी मैं उसे निभाने के लिए तैयार हूं।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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