अहोई अष्टमी 2019: अहोई व्रत में राशिनुसार करे इन उपायों को, पूरी होगी मनोकामना

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आपको बता दें कि अहोई अष्टमी का व्रत संतान के लिए रखा जाता हैं यह व्रत बहुत ही खास माना जाता हैं वही करवाचौथ के व्रत के बाद कार्तिक मास की कृष्णपक्ष की अष्टमी को अहोई अष्टमी मनाई जाती हैं इस​दिन का संबंध भगवान शिव की पत्नी माता पार्वती से होता हैं अहोई अष्टमी के दिन मां पार्वती के अहोई स्वरूप की पूजा होती हैं इस दिन सभी निसंतान महिलाए संतान की प्राप्ति के लिए और जिन महिलाओं की संतान हैं वो उनकी मंगल कामना के लिए व्रत रखती हैं। वही ज्योतिष के मुताबिक पंचम भाव बल्ष्ठि होने से जातक के संतान संबंधी कष्ट दूर हो जाते हैं वही जिनका पंचम भाव या पंचमेश निर्बल हैं उन्हें या तो संतान प्राप्ति में कष्ट होता हैं यह भी भविष्य में संतान संबंधी कष्ट रहता हैं।

माता पार्वती के अहोई स्वरूप की पूजा करने से पंचम भाव बलिष्ठ हो जाता हैं और संतान संबंधी कष्ट समाप्त हो जाते हैं वही आज हम आपको बताने जा रहे हैं राशि अनुसार किन उपायों को करने से आपकी सभी इच्छाएं पूर्ण हो सकती हैं तो आइए जनते हैं।

मेष राशि— ढ़लते सूर्य को अपने हाथ से बना कर पूर्ण भोजन अर्पित करें।
वृषभ राशि— मां अहोई की पूजा से पहले सवा किलो मसूर की दाल खेत या निर्जन स्थान पर डाल दें।
मिथुन राशि— तारों की पूजा करते वक्त 11 दिए जलाएं।
कर्क राशि— भोजन करने से पहले कुछ भोजन अपने पुरखों के लिए निकाल का दान करें।
सिंह राशि— सामर्थ्य के मुताबिक किसी गरीब बच्चे की पढ़ाई का खर्चा उठाने का संकल्प लें।
कन्या राशि— सामर्थ्य के अनुसार किसी वृद्ध का खर्चा उठाने का संकल्प लें।
तुला राशि— पूजा पाठ करते वक्त दान पुण्य अवश्य करें।
वृश्चिक राशि— एक साल तक सामर्थ्य क अनुसार दान पुण्य करने का संकल्प लें।
धनु राशि— अगली 11 एकादशी का व्रत करने का संकल्प लें।
मकर राशि— तारों की पूजा करते वक्त सात दीयों को प्रज्जवलित करें।
कुंभ राशि— 11 पूर्णिमा का विधि विधान से व्रत का संकल्प लें।
मीन राशि— 21 शुक्रवार तक किसी सुहागिन महिला सज्जा की पांच चीजें दन करने का संकल्प लें।

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