मेघालय और नगालैंड में मतदान शुरू, जानिए क्या हैं वहां के राजनीतिक हालात

0
3781
assembly election
assembly election

देश के दो महत्वपूर्ण उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय और त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है। दोनों राज्यों में शाम 4 बजे तक वोटिंग होगी। नगालैंड के कुछ हिस्सों में सुरक्षा को देखते हुए 3 बजे तक ही वोटिंग होगी। चुनाव आयोग ने सुरक्षा और उग्रवाद ग्रस्त इलाक़े को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सीएपीएफ की 281 कम्पनियों को नगालैंड भेजा गया है जबकि सीएपीएफ की ही 10 कम्पनियों को मेघालय में भी सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है।
मेघालय में इस बार 370 उम्मीदवारों का भाग्य वोटिंग मशीन में बंद होना है जिसमें कि 32 महिलाएं हैं। 18.4 लाख मतदाता अपने मतों का उपयोग करेंगे, जिनके लिए 3083 पोलिंग बूथ तैयार किये गए हैं। एनसीपी उम्मीदवार जोनाथन संगमा की उग्रवादियों द्वारा हत्या कर देने के बाद 60 सदस्यों वाली विधानसभा में 59 सीटों पर ही वोटिंग होनी है। कांग्रेस ने यहां सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। कांग्रेस राज्य में तीन बार से सरकार में है और उसे इस बार भी सरकार बना लेने की उम्मीद है। वहीं बीजेपी ने यहां 47 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। हालांकि भाजपा ने मेघालय में किसी भी पार्टी से गठबंधन नहीं किया है, पर चुनाव के बाद की स्तिथि में वो नेशनल पीपल्स पार्टी से गठबंधन कर सकती है। एनपीपी कॉनरैड संगमा की पार्टी है। कॉनरैड, पीए संगमा के पुत्र हैं जो कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष थे। एनपीपी राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
जहां तक नगालैंड की बात की जाए तो इस बार राज्य में 227 उम्मीदवार चुनाव में अपना भाग्य आज़मा रहे हैं। राज्य में कुल 11,91,513 मतदाता अपने मतों का उपयोग करेंगे, जिनमें लगभग आधे पुरूष हैं और आधी महिलाएं। लगभग 2156 पोलिंग बूथ बनाये गए हैं। नगालैंड में भी 60 सीटों में से 59 सीटों पर ही वोटिंग होनी है क्योंकि नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी यानी कि एनडीपीपी के अध्यक्ष नेफ्यू रियो अंगामी-II विधानसभा से निर्विरोध चुने जा चुके हैं। भाजपा ने इस बार राज्य में एनडीपीपी से ही हाथ मिलाया है। एनडीपीपी के जहां 40 प्रत्याशी मैदान में हैं तो वही भाजपा के 20। भाजपा की पूर्व सहयोगी पार्टी नेशनल पीपल्स फ्रंट यहां सभी सीटों से चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस की हताशा इस राज्य में साफ देखी जा सकती है और पार्टी यहां पर मात्र 18 सीटों पर चुनाव लड़ भी रही है।


देखा जाए तो उत्तर-पूर्व के इन छोटे राज्यों में विधानसभा चुनाव उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना कि देश के अन्य राज्यों में है। लेकिन भाजपा जिस तरह से पूरे देश में अपना वर्चस्व बनाना चाहती है, उस हिसाब से ये चुनाव महत्वपूर्ण हो जाता है। भाजपा उत्तर-पूर्व के 8 राज्यों में से से 4 राज्य मणिपुर, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश में सरकार में है। भाजपा अब मेघालय, त्रिपुरा और नगालैंड में भी सरकार बना कर देश को एक संदेश देना चाहेगी। त्रिपुरा में 18 फरवरी को चुनाव हुए थे। 3 मार्च को इन तीनों राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम आएंगे। उधर कांग्रेस के लिए अपनी शाख को बचाना सबसे बड़ी बात होगी। अभी उत्तर-पूर्व में सिर्फ मिज़ोरम ही है जहां कांग्रेस की सरकार है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here