एजीआर बकाया भुगतान के लिए वोडाफोन आइडिया ने मांगी मदद

0

वोडाफोन आइडिया ने सरकार को पत्र लिखकर समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाया राशि का भुगतान करने में मदद मांगी है। यही पत्र नीति आयोग और वित्तमंत्री को भी लिखा गया है, जिसमें भुगतान के लिए मदद मांगी गई है। वीआईएल पर एजीआर के 53,000 करोड़ रुपये बकाया हैं। हालांकि यह स्व मूल्यांकन है, जोकि स्पष्ट रूप से बहुत कम आंकड़ा है।

इसमें एजीआर के लिए जीएसटी रिफंड के 8,000 करोड़ रुपये, जुर्माने की रकम, ब्याज और जुर्माने पर ब्याज का भुगतान भी शामिल है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद सरकार ने दूरसंचार कंपनियों पर एजीआर बकाए की वसूली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleजाह्नवी कपूर ने करवाया हॉट फोटोशूट, सोशल मीडिया पर तस्वीर हो रही वायरल
Next articleनेहा और आदित्य की शादी को लेकर ये क्या बोल गए उदित नारायण, सुनकर होंगे हैरान
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here