सदन की वर्चुअल कार्यवाही व्यावहारिक नहीं है : हदयनारायण दीक्षित

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उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि 20 अगस्त से आरंभ होने वाला विधानसभा का मानसून सत्र तीन दिवसीय होगा। उन्होंने कहा कि सदन की वर्चुअल कार्यवाही व्यावहारिक नहीं है। सोमवार को विधानसभा के अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने बताया कि महामारी की विषम परिस्थिति में यह पहला सदन होगा, जिसकी कार्रवाई विधिवत चलेगी। इसके अलावा मध्यप्रदेश में केवल विश्वास मत के लिए सदन आहूत किया गया था। सदन की वर्चुअल कार्रवाई के बारे में दीक्षित ने बताया कि ऐसा कर पाना व्यावहारिक तौर पर आसान नहीं है। संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए कुछ बुजुर्ग विधायकों की असहमति संभव है, लेकिन कोई एतराज या अनुरोध अभी उनके पास नहीं आया है।

उन्होंने कहा, “कोरोना वायरस के संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए कुछ बुजुर्ग विधायकों की असहमति संभव है, परंतु कोई एतराज या अनुरोध अभी हमारे पास नहीं आया है।”

दीक्षित ने कहा कि जिस प्रकार से राज्यसभा में पूर्व सांसदों को नहीं बुलाया जा रहा है। ठीक उसी प्रकार पूर्व विधायकों से अनुरोध करने जा रहे हैं। सदन के भीतर सुरक्षित शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए लबी व दर्शक दीर्घा में भी सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी। सबको मास्क पहनकर आना अनिवार्य किया गया है। हां व ना लांबी के गेट भी खुले रहेंगे।

उन्होंने बताया कि सदन में आने वालों के सैनिटाइजेशन और तापमान मापने की व्यवस्था की जाएगी। दर्शक दीर्घा में सदस्यों को बैठाने का प्रबंधन किया जा रहा है। कैंटीन बंद रहने पर भी सभी दलीय नेताओं ने अपनी सहमति दी है। भारत सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार, मंडप के भीतर की वातानुकूलन व्यवस्था में भी जरूरी बदलाव किया जा रहा है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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