विराट कोहली ने कहा, हम दुनिया में कहीं भी जीत सकते हैं

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भारतीय क्रिकेट टीम ने मंगलवार को अपने दमदार प्रदर्शन को जारी रखते यहां दक्षिण अफ्रीका को तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के आखिरी मैच में पारी और 202 रनों से करारी शिकस्त दी। भारत ने इस दमदार जीत के साथ ही टेस्ट सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। मेजबान टीम के कप्तान विराट कोहली ने इस बड़ी जीत के बाद कहा कि उनकी टीम में दुनिया में कहीं भी जीत दर्ज करने का माद्दा है।

फॉलोऑन का सामना करते हुए मेहमान टीम अपनी दूसरी पारी में महज 133 रनों पर सिमट गई। भारत ने अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 497 रन बनाकर घोषित की थी जबकि दक्षिण अफ्रीका महज 162 रनों पर ढेर हो गई थी और उसे फॉलोऑन झेलना पड़ा था।

मैच के बाद कोहली ने कहा, “यह जीत बहुत शानदार है, आप लोगों ने देखा है कि हम कैसा खेल रहे हैं। एक टीम के तौर पर हमारा प्रदर्शन बहुत दमदार रहा है। हमने उन पिचों पर विकेट लिए हैं जहां गेंदबाजों के लिए ज्यादा मदद नहीं है और मुझे इस पर बहुत गर्व है। विदेशी दौरों पर भी हम हर कड़ा मुकाबला करना चाहते हैं। टीम की मानसिक ²ढ़ता देखना लाजवाब है। यह सीरीज हमारे लिए बहुत अच्छी रही है।”

कोहली ने कहा, “दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम बनने के लिए आपको बहुआयामी होना पड़ता है। स्पिन हमेशा हमारी ताकत रही है और बल्लेबाजी हमारे लिए कोई समस्या नहीं रही है। टीम में केवल ईशांत शर्मा ही अनुभवी तेज गेंदबाज थे। फील्डर्स ने भी कड़ी मेहनत की। हमारी टीम की कैचिंग भी अच्छी रही।”

उन्होंने कहा, “जैसा मैंने कहा कि बिना अनुभव के भी हमने बहुत बेहतरीन प्रदर्शन किया है और हमारा विश्वास है कि हम दुनिया में कहीं भी जीत सकते हैं। खेल के नतीजे काफी हद तक माइंडसेट और मेहनत पर निर्भर करते हैं।”

दक्षिण अफ्रीका के ऊपर भारत की यह अब तक की सबसे बड़ी जीत है। भारत ने घरेलू धरती पर लगातार 11 टेस्ट सीरीज जीतकर एक रिकॉर्ड भी बना दिया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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