विराट कोहली पेटा इंडिया के ‘पर्सन ऑफ द इयर’ चुने गए

0

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को वर्ष 2019 के लिए पेटा इंडिया का पर्सन ऑफ द इयर चुना गया है। जानवरों की दशा में सुधार करने के लिए कोहली ने कई काम किए हैं। उन्होंने आमेर किले में सवारी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे एक हाथी की रिहाई के लिए पेटा इंडिया की ओर से अधिकारियों को एक पत्र लिखा था।

मालती नामक हाथी को कथित तौर पर आठ पुरुषों ने पीटा भी था। कोहली ने पेटा इंडिया को 1960 में लागू हुए पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम का उपयोग करने में मदद की।

कोहली कथित तौर पर बेंगलुरू में जानवरों के लिए स्थित एक शेल्टर का भी दौरा कर चुके हैं।

पेटा इंडिया के सेलिब्रिटी और पब्लिक रिलेशन के निदेशक सचिन बंगेरा ने कहा, “विराट कोहली जानवरों के अधिकारों को समर्थन देते हैं और जैसे भी हो सके उनके खिलाफ हो रहे क्रूरता को रोकने का प्रयास करते हैं। पेटा इंडिया सभी से उन्हें फॉलो करने और जरूरतमंद जानवरों को समर्थन करने की मांग करता है।”

इससे पहले, यह पुरस्कार शशि थरूर, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के.एस. पनिकर और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा जैसे लोगों को मिल चुका है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

SHARE
Previous articleजब दिलजीत ने गेल गेडॉट से ‘गोभी वाले पराठे’ बनाने को कहा!
Next articleIPL: युवराज सिंह पर दाव लगाने के लिए केकेआर ने किया क्रिस लिन को रिलीज!
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here