विराट कोहली ने देश छोड़ने वाले बयान पर सफाई दी

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देश छोड़ने वाले बयान को लेकर प्रशंसकों के निशाने पर आने के बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली ने अब मुद्ये को शांत करने का प्रयास करते हुए कहा है कि सभी को अपने पसंद की आजादी है। कोहली सोशल मीडिया पर उस समय प्रशंसकों के निशाने पर आ गए थे जब उन्होंने एक फैन से कहा था कि यदि वे भारतीय क्रिकेटरों को खेलते देखना पसंद नहीं करते हैं तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए।

लेकिन अब विवाद को बढ़ता देख उन्होंने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस पर सफाई दी है।

कोहली ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा, “मुझे लगता है कि ट्रोलिंग करना मेरे लिए नहीं है दोस्तों, मैं खुद ट्रोल होने से ही संतुष्ट हूं। मैंने सिर्फ ये बताने की कोशिश की थी कि कैसे ‘इन भारतीयों’ को उस कमेंट में लिखा गया था और कुछ नहीं। मैं भी पसंद की आजादी के पक्ष में हूं। दोस्तों त्योहार का आनंद लो और शांत रहें। सबको प्यार।”

कोहली ने सोमवार को अपने 30वें जन्मदिन पर ‘विराट कोहली ऑफिसियल ऐप’ लांच किया था। इस दौरान एक फैन ने उनसे बातचीत में भारतीय टीम के बजाय इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया टीम को महत्व दिया था।

फैन ने लिखा, “वह (विराट) एक क्षमता से बढ़ाकर आंका गया बल्लेबाज (ओवर रेटेड बैट्समैन) हैं। मुझे उनकी बल्लेबाजी में कुछ भी खास नहीं दिखता। मैं इन भारतीयों की तुलना में इंग्लैंड और आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को देखना पसंद करता हूं।”

कोहली ने कहा था कि वह आलोचनाओं से निजी तौर पर प्रभावित नहीं होते हैं। लेकिन भारत में रहते हुए यदि कोई भारतीय खिलाड़ियों को पसंद नहीं करता है तो उन्हें देश में नहीं रहना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगा कि तुम्हें भारत में रहना चाहिए। जाइए और कहीं जाकर रहिए। आप क्यों इस देश में रह रहे हैं और दूसरे देशों को पसंद कर रहे हैं? मुझे इस पर कोई ऐतराज नहीं है कि तुम्हें मेरा खेल पसंद नहीं है लेकिन मुझे नहीं लगता कि तुम्हें इस देश में रहकर दूसरी चीजों को पसंद करना चाहिए। अपनी प्राथमिकताओं को सही करिए।”

कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ते हुए सबसे तेजी से 10 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज बने थे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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