सुलगता इलाहाबाद: दलित छात्र की हत्या और उसपर गर्म होती राजनीति

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9 फरवरी को उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में दलित छात्र की भयंकर पिटाई और उसके बाद 11 फरवरी को उक्त छात्र की मौत के बाद पूरा इलाहाबाद लगातार 4 दिन से जल रहा है। 9 फरवरी की शाम इलाहाबाद के ही रहने वाले दिलीप सरोज की कुछ गुंडों ने पीटाई कर दी थी। दिलीप अपने दो साथियों के साथ कर्नलगंज स्थित एक होटल में खाना खाने गये थे और वहां एक कार से आए कुछ लोगों से उसकी कहासुनी हो गई थी। जिसके बाद उन लोगों ने दिलीप को लाठी डंडों से पीटकर बुरी तरह से घायल कर दिया था। इसके बाद इलाज के दौरान रविवार सुबह 26 वर्षीय दिलीप की मौत हो गई थी। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो गया था।

इस मामले के बाद पूरे इलाहाबाद में हिंसा का माहौल है। विश्वविद्यालय के छात्र तब से सड़कों पर नारेबाज़ी कर रहे हैं। कई जगह तोड़ फोड़ की गई और बसों में आग भी लगा दी गई। कानून व्यवस्था प्रशासन से भी संभल नहीं पा रही है। छात्र संगठनों ने कई जगह पुलिस प्रशासन का भी घेराव किया है। दलित छात्र की मौत हो जाने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है।

पुलिस ने की कार्रवाई

इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी इलाहाबाद आकाश कुलहरि ने बताया कि 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मुख्य आरोपी विजय शंकर की तलाश की जा रही है। जल्द ही वो भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी उसकी तैयारी की जा रही है।

अखिलेश-मुलायम ने सरकार को घेरा

जहां सड़कों पर छात्र की हत्या को लेकर हंगामा किया जा रहा है, वहीं विधानसभा में भी विपक्ष ने सरकार को घेर लिया है। नेता विरोधी दल समाजवादी पार्टी के अहमद हसन ने प्रश्नकाल शुरू होते ही इलाहाबाद में दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या किये जाने का मामला उठाते हुए कहा कि प्रदेश में दलितों के साथ ऐसी घटनाएं हो रही हैं और सरकार खामोश है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दिलीप के लिए 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग की। विधानसभा में भारी हंगामे के चलते कार्यवाही भी स्थगित करनी पड़ी। अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश अपराधियों के हवाले हैं, हत्याएं हो रही हैं और पुलिस एनकाउंटर की आड़ में निर्देशों को ठोक रही हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में छात्रों के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवज़ा देने का ऐलान किया है।

उधर मायावती ने भी इस मामले में सरकार को घेर लिया है। बसपा सुप्रीमो ने इस मामले के लिए सीधे तौर पर राज्य सरकार को घेरा है। मायावती ने कहा..

इलाहाबाद में दलित छात्र की इस प्रकार नृशंस हत्या वास्तव में उत्तर प्रदेश के भाजपा शासन में कोई अकेली नई घटना नहीं है, बल्कि ऐसी दर्दनाक घटनाएं लगातार घट रही हैं और इनके लिए कोई और नहीं बल्कि भाजपा की संकीर्ण, जातिवादी एवं नफरत की राजनीति पूरी तरह से दोषी है। इसके कारण ही उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में माहौल काफी अधिक दूषित हो गया है।

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