इस गांव में इंजीनियर ने बनाया नया सूरज ,रौशनी से खिल उठा गांव

दुनिया में ऐसा कई बार हुवा है जब लोगो ने समस्या के समाधान के लिए नायब तरीके इज़ाद किये है। यही नहीं कई बार तो लोग बेहद मुश्किल काम को सूझ बुझ और चालाकी से निपटा लेते है।

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कहते है कोशिश करनेवालों की कभी हार नहीं होती है । अगर दिल में कुछ कर गुजरने का जूनून हो तो कुछ भी करना नामुमकिन नहीं है। फिर चाहे प्रकृति के नियमो से परे जाकर नयी प्रकृति के निर्माण की कल्पना ही क्यों न हो। दुनिया में ऐसा कई बार हुवा है जब लोगो ने समस्या के समाधान के लिए नायब तरीके इज़ाद किये है। यही नहीं कई बार तो लोग बेहद मुश्किल काम को सूझ बुझ और चालाकी से निपटा लेते है। आज हम आपको ऐसी ही एक कामयाब कहानी बताने जा रहे है। अगर कभी बात सूरज की होती है तो सबसे पहला ख्याल किरणों का आता है ,धुप जिससे लोग दुनिया देखते है ,पेड़ पौधे ऊर्जा ग्रहण करते है और भी तमाम जरूरी काम पुरे किये जाते है। इटली के गांव विगल्लेना के ही एक इंजीनियर और आर्किटेक्चर ने 130 किलोमीटर नीचे बसे अपने गावं को रौशन करने के लिए 40 वर्ग किलोमीटर का एक शीशा खरीदकर पहाड़ के ऊपर इस तरह से लगाया गया जहां सूर्य की रोशनी सीधे कांच पर जाकर गांव की तरफ प्रवाहित हो जाये। इंजीनियर ने इस सपने को पूरा करने के लिए काफी मेहनत से रुपए जमा किए किए थे। दरअसल इस गांव के तलहटी में बसे होने की वजह से सूरज की रौशनी सीधे गावं तक नहीं पंहुच पति थी। इसकी वजह से गाँव के लोग धुप के लिए तरसते थे नतीजतन गांववालों के हौसले और मेहनत ने नामुमकिन को भी मुमकिन बना दिया। नतीजा दुनिया देख रही है। गावं के मजबूत इरादे ने धरती पर जैसे एक नया सूरज ऊगा दिया -मानव निर्मित सूरज। सचमुच यह पहल कबीले तारीफ है और दिनिया के तमाम लोगो के किया प्रेरक है.

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