वियतनाम 2020 में पहली बार करेगा एफ-1 रेस की मेजबानी

0
97

वियतनाम वर्ष 2020 में पहली बार अपनी राजधानी हनोई में फॉर्मूला-1 रेस की मेजबानी करेगा। सरकारी अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

‘बीबीसी’ की रिपोर्ट के अनुसार, हनोई पीपुल्स कमेटी ने कहा कि अगले साल एफ-1 रेस के लिए सर्किट का उद्घाटन किया जाएगा।

वियतनाम की सरकार ने कहा कि उसने एफ-1 रेस के आयोजन के लिए अपना समर्थन दिया था लेकिन फॉर्मूला-1 की शासी इकाई एफआईए से उन्हें स्पष्टीकरण नहीं मिल रहा था। इस रेस के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता सरकार से नहीं, बल्कि निजी क्षेत्रों से मिलेगाी।

ऐसे में 2020 में वियतनाम की ग्रांप्री एफ-1 के कार्यक्रम में प्रवेश करेगी। दक्षिण-पूर्वी एशिया की यह तीसरी रेस होगी। इसमें सिंगापुर ग्रांप्री और मलेशिया ग्रांप्री शामिल हैं।

सरकारी कार्यालय के प्रमुख माई तिएन डुंग ने इस साल अगस्त में कहा था कि हनोई के अधिकारियों ने यहां के निवासियों से रेस के आयोजन के बारे में उनके विचार जानने की कोशिश की थी और उन सभी ने इसका समर्थन किया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleप्यारे से मेसेज के साथ सोनाली बेंद्रे ने प्रियंका चोपड़ा को यूं दी भविष्य की शुभकामनाएं
Next articleदीपावली पर लक्ष्मी के साथ होती है एक देव, एक यक्ष और माता की पूजा
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here