वास्तुविज्ञान: घर की पूर्व, उत्तर या उत्तर पूर्व दिशा में ही रखें फिश एक्वेरियम

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वास्तुशास्त्र में घर में रखी जाने वाली सभी तरह की वस्तुओं के शुभ अशुभ दिशाओं के बारे में बताया गया हैं अगर कोई वस्तु गलत दिशा में रखी रहती है तो घर में नकारात्मकता बढ़ जाती हैं घर में सकारात्मक शक्ति बढ़ाने के लिए एक्वेरियम रखने की सलाह दी जाती हैं वास्तु के मुताबिक एक्वेरियम के संबंध में कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो घर का वास्तुदोष दूर हो सकता हैं। तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वास्तुविज्ञान के अनुसार फिश एक्वेरियम को कैसे रखना सही होता हैं तो आइए जानते हैं।

ध्यान रखें कि फिश एक्वेरियम को घर की पूर्व, उत्तर या उत्तर पूर्व दिशा में ही रखना चाहिए। इन दिशाओं में एक्वेरियम रखने से नकारात्मकता बढ़ जाती हैं कभी भी किचन में एक्वेरियम नहीं रखना चाहिए। रसोई में फायर एनर्जी होती हैं और एक्वेरियम वाटर एनर्जी का प्रतीक माना गया हैं अगर और पानी को एक साथ नहीं रखना चाहिए। एक्वेरियम की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर एक्वेरियम का पानी अधिक पुराना हो जाता हैं तो उससे नकारात्मकता बढ़ने लगती हैं इसलिए एक्वेरियम का पानी बदलते रहना बहुत जरूरी हैं इसकी सफाई भी करते रहना चाहिए। एक्वेरियम में मछलियों की संख्या कम से कम नौ होनी चाहिए। इनमें से आठ मछली लाल और सुनहरे रंग की और एक मछली काली होगी तो शुभ माना जाता हैं। काले रंग की मछली सुरक्षा क प्रतीक होती हैं और ये बुरी शक्ति से घर की रक्षा करती हैं अगर कोई मछली मर जाए तो उसे तुरंत बाहर निकाल कर नदी या तालाब में बहा देना चाहिए। ध्यान रखें जिस रंग की मछली मरी हो, उसी रंग की नई मछली लाकर एक्वेरियम में जरूर रखना चाहिए।

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