वाजपेयी ने अनुच्छेद 370 को कभी मंजूरी नहीं दी : जितेंद्र सिंह

0
53

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ने जम्मू एवं कश्मीर को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को कभी मंजूरी नहीं प्रदान की। वाजपेयी की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, “पिछले आठ वर्षो से मुख्य आरोप यह रहा है कि आप ने ‘जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत’ का अनुसरण क्यों नहीं किया।”

उन्होंने कहा, “वाजपेयीजी ने जम्मू एवं कश्मीर के विशेष दर्जे को कभी मंजूरी नहीं दी। विपक्ष ने ‘जम्हूरियत, कश्मीरियत और इंसानियत’ वाले बयान को उठा लिया और अपने उद्देश्य साधने के लिए इसका इस्तेमाल किया।”

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने अपनी एक बड़ी जीत के रूप में पिछले सप्ताह जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 पारित किया, और अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35ए को खत्म करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी, जिसके साथ ही राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का रास्ता साफ हो गया। जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा के साथ और लद्दाख बगैर विधानसभा के।

विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए सिंह ने कहा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी की हिरासत के बारे में किसी ने 45 सालों तक क्यों नहीं कुछ बोला? वही लोग आज कश्मीर में नेताओं को होने वाली एक मिनट की असुविधा के लिए हाय-तौबा मचाते हैं। यह पाखंड है।”

मंत्री ने कहा कि घाटी में ईद और स्वतंत्रता दिवस इस साल जितनी शांति के साथ मनाए गए हैं, उतनी शांति के साथ कभी नहीं मनाए गए।

उन्होंने कहा, “क्या हम अपने देश के घटक नहीं हैं? 125 करोड़ भारतीयों में से प्रत्येक भारतीय जम्मू एवं कश्मीर मुद्दे में एक घटक है। इसलिए कश्मीर के बारे में बाहरी लोगों को बोलने की कोई जरूरत नहीं है।”

उन्होंने कहा, “वाजपेयीजी चुनावों के दौरान जम्मू एवं कश्मीर का दौरा करते थे, बगैर किसी तैयारी के और यह जानते हुए कि कुछ सीटें ही मिल सकती हैं। फिर भी वह कश्मीर आते थे सिर्फ युवा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए।”

भाजपा नेता ने कहा कि जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी अमृतसर से जम्मू गए, तो उन्होंने लोगों से कहा कि जाकर दुनिया से बताइए कि उन्होंने बगैर किसी अनुमति के प्रवेश किया है।

सिंह ने कहा, “आज अगर वह जिंदा होते तो बोलते कि ‘जाओ दुनिया को बता दो कि मोदी ने अनुच्छेद 370 समाप्त कर दिया है’।” उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किया जाना मुखर्जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleभारतीय सिनेमा के इस खतरनाक बदलाव को लेकर चिंतित अक्षय कुमार, न्यूकमर्स का हो सकता है जल्दी खातमा
Next articleग्रह नक्षत्र: अगर बनें यह योग तो राजनीति में जाएंगे आप
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here