Vaccine : अमेरिकी एफडीए ने ‘साइंटीफिक इंटेग्रिटी’ को बनाए रखने का वादा किया

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले कोविड -19 उपचारों और टीकों के शीघ्र अनुमोदन पर जोर दिया है। अमेरिका के खाद्य और औषधि प्रशासन (एफडीए) के शीर्ष नियामकों ने ‘साइंटीफिक इंटेग्रिटी’ (ईमानदारी) को कायम रखते हुए एजेंसी की स्वतंत्रता की रक्षा करने का संकल्प लिया है। यूएसए टुडे में गुरुवार को प्रकाशित एक ओपिनियन कॉलम में, एफडीए में विभिन्न केंद्रों के काम का निर्देशन करने वाले आठ वरिष्ठ कैरियर सिविल सेवकों ने आश्वासन दिया कि वे उपलब्ध विज्ञान के आधार पर चिकित्सा उत्पादों की सुरक्षा और प्रभावशीलता पर निर्णय लेना जारी रखेंगे।

एफडीए में 100 से अधिक वर्षों के अनुभव वाले नियामकों ने चेतावनी दी है कि, “अगर वास्तविक या कथित हस्तक्षेप के कारण एजेंसी की विश्वसनीयता खो जाती है, तो लोग एजेंसी की सुरक्षा चेतावनियों पर भरोसा नहीं करेंगे।”

हालांकि उन्होंने कॉलम में ट्रंप या अन्य नेताओं का उल्लेख नहीं किया। उन्होंने यहां तक स्वीकार किया कि “अन्य संघीय कार्यकारी एजेंसियों की तरह एफ.डी.ए. एक राजनीतिक माहौल में काम करता है।”

यह बयान ऐसे समय में आया है जब ट्रंप ने संकेत दिया था कि चुनाव के दिन से पहले कोरोना का टीका उपलब्ध हो सकता है।

इससे पहले कोविड-19 के उपचारों को मंजूरी देने के एडीए के नजरिए को लेकर ट्रंप ने आलोचना की थी।

एफडीए कमिश्नर स्टीफन हान को टैग करते हुए ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि जाहिर है, वे 3 नवंबर तक जवाब में देरी की उम्मीद कर रहे हैं। उन्हें स्पीड पर ध्यान देना चाहिए और लोगों की जिंदगी बचानी चाहिए।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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