कोरोनो वायरस से बचाव के लिए टीके का निर्माण, जानिए किन देशों में किया गया ट्रायल

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जयपुर।कोरोना वायरस का कहर इस समय लगातार पूरे विश्व पर बढ़ता जा रहा है।चीन सहित विश्व में करीब 6 लाख से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित है और 29 हजार से अधिक लोगो की मौत हो चुकी है।ऐसे में विश्व पर बढ़ती इस महामारी को रोकने के लिए अब पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इसकी वैक्सिन बनाने की तैयारी में लग चुक है।वहीं,भारत में जहां इसकी सस्ती टेस्टिंग किट का निर्माण किया जा चुका है।

वहीं दूूसरी तरफ कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए इंग्लैंड और रूस ने इसके वैक्सिन के निर्माण का दावा किया है।कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए रूस और इंग्लैंड दोनो की टीकों के नतीजे काफी आशाजनक है।

इंग्लैंड के ऑक्सफोर्सड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के टीके का निर्माण कर 18 से 55 साल तक की उम्र के लोगों में इस टीके का ट्रायल शुरू कर दिया है।कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए बनाए गए सीएचएडीओक्स न्यू कोविड—19 टीके को इंग्लैंड की दवा प्राधिकरण ने अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।

वहीं रूस के शोधकर्ताओं ने भी कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए वैक्सिन वेक्टर स्टेट विरोलॉजी एंड बायोटेक सेंटर के सहयोग से बनाने का दावा किया है।हालांकि अभी तक रूस ने इस टीके का ट्रायल केवल जानवरों पर जारी किया है और इसके सफल होने के बाद ही इसे इंसानो पर प्रयोग किया जायेंगा। हालांकि दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस की वैक्सिन बनाने का काम जारी है।

लेकिन सभी सुरक्षा मानदंड़ों पर खरे उतरने के बाद ही यह वैक्सिन लोगो के लिए उपलब्ध होंगी।इसके साथ ही कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए बनाई जा रही दवा की कीमत अधिक होने के कारण आम लोगों तक पहुंचा पाना भी एक मुश्किल बनी हुई है।

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