उत्तर प्रदेश : रमजान में महिलाओं के लिए खास हेल्पलाइन

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रमजान के मुबारक महीने में मजलिस-ए-उलेमा-ए-हिंद की तरफ से शिया महिलाओं के लिए हर साल की तरह इस साल भी विशेष हेल्पलाइन शुरू की जा रही है। यह हेल्पलाइन मजलिस की की तरफ से हर साल जारी की जाती है, ताकि महिलाएं भी अपनी मसायल पूछ सकें।

महिलाओं के लिए यह एक मात्र हेल्पलाइन है जो हर साल मौलाना कल्बे जवाद नकवी कह सरपरस्ती में चलाई जाती है। हेल्पलाइन पर पुरुष भी सवाल पूछ सकते हैं, लेकिन उनके लिए दूसरे हेल्पलाइन नंबर दिए जा रहे हैं। महिलाएं खहर बिन्ते जहरा नकवी साहेबा से सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपने सवाल पूछ सकती हैं। वे अपने सवाल व्हाट्सएप्प के जरिये भी पूछ सकती हैं, जिनका जवाब फौरन देने की कोशिश की जाएगी। महिलाओं के लिए हेल्पलाइन नं. 09335735895 है।

पुरुषों से गुजारिश है कि वे मजलिस के ऑफिस इमामबाड़ा गुफरान मआब से ऑफिस के वक्त सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं। फोन पर मसायल पूछने के लिए मौलाना निसार अहमद जैनपुरी, मौलाना इस्तेफा रजा से संपर्क किया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबर हैं 0522-2263786, 9451096580, 09389967660 इन नंबरों पर पुरुष भी अपनी समस्याएं बता सकते हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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