उत्तर प्रदेश : प्रयागराज में शाही स्नान से पहले 3 दिन बंद रहेंगे स्कूल

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प्रयागराज में कुंभ की शुरुआत 14 जनवरी से हो रही है। पहले शाही स्नान को लेकर प्रशासन मुस्तैद है। इसी कारण तीन दिन के लिए 12वीं तक के स्कूल और कालेज बंद कर दिए गए हैं। प्रयागराज के जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि आगामी स्नान पर्व को देखते हुए 14 जनवरी से 16 जनवरी तक सभी 12वीं तक स्कूल और कॉलेजों बंद रखे जाएंगे। साथ ही जिलाधिकारी ने कॉलेजों को भी एडवाइजरी जारी की है कि वे भी किन्हीं विशिष्ट परिस्थिति को छोड़कर अपना कॉलेज बंद रखें।

गौरतलब है कि 14 जनवरी को ही पहला शाही स्नान होगा। इस स्नान का बड़ा महत्व है। इस बार कुंभ मेले में 12 करोड़ से अधिक तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है। योगी सरकार मेले को लेकर पूरी तैयारियां कर ली हैं। सभी अखाड़ों के साधु-संत संगम पर शाही स्नान करेंगे। ये स्नान शांति से निबटे, इसके लिए अखाड़ों का क्रम और स्नान के लिए जगह भी तय कर दी है। यह परंपरा बहुत पुरानी है, जिसमें 13 अखाड़े शामिल होते हैं।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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