उत्तर प्रदेश : जिलों के दौरे पर जाएंगे नोडल पुलिस अधिकारी

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उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने में लगी है, ऐसे में एक बार फिर नोडल पुलिस अफसर जिलों के दौरे पर निकलने जा रहे हैं। इसके लिए वह अगले सप्ताह से जाएंगे। अतरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानून व्यवस्था पी़ वी. रामाशास्त्री ने बताया कि इस बार नोडल पुलिस अधिकारी कानून व्यवस्था की हकीकत जानने के अलावा पुलिस लाइन और जेलों का निरीक्षण करेंगे। इसके साथ ही अन्य अपराधिक घटनाओं की जमीनी हकीकत भी जानेंगे। पुलिस से जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की भी सच्चाई जानने का प्रयास करेंगे।

दरअसल, विपक्ष कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरेने का काम लगातार कर रहा है। महिलाओं पर अपराध भी एक-दो रोज हो रहे हैं। किसी-किसी जिले में तो असंवेदनशील घटनाएं हो रही हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री चिंतित हैं। उन्होंने अधिकारियों को एक बार फिर से जिलों का भ्रमण करने को कहा है।

अभी प्रदेश में अयोध्या पर आए निर्णय के अलावा 6 दिसंबर बाबरी विध्वंस की बरसी और अन्य आयोजनों के कारण अफसरों का दौरा टाल दिया गया है। लेकिन अगले सप्ताह से एक बार फिर अफसर जिलों का रुख करेंगे और वहां रात्रि विश्राम भी करेंगे।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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