उत्तर प्रदेश : ट्रेन से गिरकर जीजा-साली की मौत

0
590

जनपद के विंढमगंज थाना क्षेत्र के केवाल गांव के पास मंगलवार सुबह मूरी एक्सप्रेस ट्रेन से गिरकर जीजा व साली की मौत हो गई। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इस बीच सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोनों ओड़िशा के मयूरभंज जिले के निवासी बताए गए हैं। मृतक की पहचान हो गई है, लेकिनल मृतका की पहचान नहीं हो सकी है।

विंढमगंज थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार यादव के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि थाना क्षेत्र के केवाल गांव के पास से जा रही जम्मूतवी से राउरकेला जाने वाली डाउन मूरी एक्सप्रेस की जनरल बोगी से एक महिला अचानक अनियंत्रित होकर गिरने लगी, जिसे बचाने की कोशिश में एक युवक भी कूद पड़ा। ट्रेन से गिर कर घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई।

थाना प्रभारी ने बताया कि घटनास्थल पर युवक के जेब से मिले मोबाइल के जरिए दोनों की शिनाख्त का प्रयास किया गया। पड़ताल में पता चला कि दोनों जीजा-साली हैं। युवक के पास से मिर्जापुर से बालासार तक का रेल टिकट भी बरामद किया गया।

प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार यादव ने बताया कि युवक के मोबाइल से नंबर निकालकर जब उसके परिजनों को फोन किया गया तो उसकी पहचान राजू उर्फ राजेंद्र (32) पुत्र प्रवीन महतो निवासी ग्राम कुकरीडीहा जिला मयूरभंज उड़ीसा के रूप में हुई।

युवक के परिजनों ने बताया कि महिला राजू की साली है। उन्होंने बताया कि फोन उठाने वाले हिंदी नहीं बोले पा रहे हैं। इस कारण मृतका का नाम स्पष्ट नहीं हो सका है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleउत्तर प्रदेश : होमगार्ड के बेटे की गोली मारकर हत्या, जानिए पूरा मामला !
Next articleआखिर क्यों राहुल गांधी ने मोदी की तुलना भगोड़े से की (राउंडअप)
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here