उत्तर प्रदेश : तापमान में इजाफा, गर्मी दिखाने लगी तेवर

0
85

बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में मंगलवार सुबह से ही तेज धूप निकली हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक का इजाफा हुआ है। मौसम विभाग के निदेशक जे पी गुप्ता के अनुसार दिन में तेज धूप निकलने के साथ ही अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेलिसयस के पार जाने की सम्भावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की वृद्घि दर्ज की गयी थी। इस सप्ताह के अंत तक तापमान में और उछाल देखने को मिलेगा।

लखनऊ के अतिरिक्त मंगलवार को गोरखपुर का न्यूनतम तापमान 18 डिग्री, कानपुर का 16.5 डिग्री, बनारस का 16 डिग्री, इलाहाबाद का 18.4 डिग्री और झांसी का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleमंगलवार को दिल्ली में सुबह हल्का कोहरा, बारिश की संभावना
Next articleपीएम मोदी का मेघालय और नागालैंड में बड़ी संख्या में मतदान करने का आग्रह
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here