उत्तर प्रदेश : लॉकअप कांड में न्याय के लिए अनशन शुरू

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उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में 15 दिन पूर्व पुलिस लॉकअप में ऑटो चालक रामजी मिश्र की मौत का मामला पुलिस के लिए गले की फांस बन गया है। इस मामले में न्याय के लिए सीबीआई जांच की मांग कर रहे समाजसेवी धर्मेद्र द्विवेदी ने कोई आश्वसन न मिलने पर शुक्रवार को अनशन शुरू किया। उनके अनशन को कई संगठनों का समर्थन मिल रहा है।

समाजसेवी ने कहा, “पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हमने सीबीआई जांच की मांग रखी थी। लेकिन उसका संज्ञान नहीं लिया गया। हमें पुलिस और मजिस्ट्रेटी जांच पर भरोसा नहीं है। क्योंकि इसमें दोषियों को बचाने के लिए लीपापोती हो सकती है।”

धर्मेद्र द्विवेदी सोनिया तालाब स्थित सीधेश्वर नाथ मंदिर में सीबीआई जांच की मांग को लेकर आमरण अनशन पर हैं। गुरुवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस फोर्स समाजसेवी के आवास पर आ धमकी। पुलिस को देख लोग उबल पड़े। उन्हें लगा कि पुलिस गिरफ्तारी के लिए आई है। भीड़ बढ़ती देख कोतवाल को सफाई देनी पड़ी।

पुलिसकर्मियों ने कहा कि वे सिर्फ अनशनकारी से मुलाकात करने और मांग के बारे में जानकारी लेने आए हैं। धर्मेंद्र के समर्थन में अनशन स्थल पर बिंद समाज विकास परिषद के राष्ट्रीय सचिव सुशील विंद भी पहुंचे।

तकरीबन 15 दिन पूर्व गोपीगंज नगर के ज्ञानपुर रोड के फूलबाग निवासी रामजी मिश्र का कुछ दिनों पूर्व सगे भाई अशोक मिश्र से जमीनी विवाद हुआ था। दोनों भाई और परिवार के लोग गोपीगंज थाने पहुंच गए। इस दौरान पुलिस ने छोटे भाई अशोक की पिटाई कर दी। पिटाई देख रामजी बेहद डर गया और सुलह की बात करने लगा। लेकिन पुलिस ने रामजी को थप्पड़ मारकर लॉकअप में बंद कर दिया।

पुलिस का कहना है कि दिल का दौरा पड़ने से रामजी की मौत हो गई। लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से मौत हुई।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अस्पष्ट न होने पर बिसरा सुरक्षित रख लिया गया। बाद में परिजनों ने चक्काजाम भी किया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल ने कोतवाल सुनील वर्मा और चौकी इंचार्ज को लाइनहाजिर किया। इसके बाद रामजी की बेटी रेणु की तहरीर पर उन्होंने वर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया।

हत्या का मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में कोतवाल सुनील वर्मा की पत्नी और परिजनों ने गोपीगंज थाने के सामने धरना-प्रदर्शन भी किया था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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