उत्तर प्रदेश : दरोगा की पिस्टल से चली गोली, सिपाही की मौत

0
176

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद में शनिवार को दरोगा की पिस्टल से गोली चलने से एक सिपाही की मौत हो गई। सूचना मिलते ही एसपी (सिटी) राजेश कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।

मामला शिकोहाबाद थाना क्षेत्र का है। थार मोबाइल पर तैनात दरोगा इंद्रजीत अपनी सरकारी पिस्टल साफ कर रहा था। तभी अचानक पिस्टल से गोली चल गई, जो सिपाही शिव कुमार मिश्रा के सिर में जा लगी। गोली लगते ही शिव जमीन पर गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि शिव एंटी रोमियो स्क्वायड में शिकोहाबाद में तैनात था। वह तीन अन्य साथियों और दरोगा इंद्रजीत के साथ खाना खाने के लिए एक ढाबे पर रुका था। खाना खाने के बाद दरोगा ने जेब से पिस्टल निकाला और उसे साफ करने लगा। इस बीच अचानक फायर हो गया। गोली शिव के सिर में लगी और उसकी मौत हो गई। दरोगा ने कबूला है कि उसके पिस्टल से ही गोली लगी है।

एसपी ने कहा कि सिपाही के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना की जांच कराई जाएगी। उधर, सिपाही की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। हालांकि अभी तक मृतक सिपाही के परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleदो जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों में लगेंगे अतिरिक्त कोच, जानिए इसके बारे में !
Next articleछठे अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्टिग एक्सपो का समापन हुआ, जानिए इसके बारे में !
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here