उत्तर प्रदेश : टूंडला विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर संशय

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निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश की 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए अधिसूचना शनिवार को जारी कर दी, जहां 21 अक्टूबर को मतदान होना है। लेकिन आयोग की ओर से जारी सूची में फिरोजाबाद जिले की टूंडला विधानसभा सीट का नाम नहीं है। इसे लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। इस विधानसभा सीट से 2017 में प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल ने जीत हासिल की थी। योगी सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। आगरा लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद बघेल ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

टूंडला विधानसभा सीट से सपा ने महाराज सिंह धनगर, बसपा ने सुनील चित्तौड़ और कांग्रेस ने स्नेहलता बबली को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। लेकिन भाजपा ने अभी तक अपने प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया है। हाल में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां जनसभा कर चुके हैं। लेकिन निर्वाचन आयोग की तरफ से घोषित सूची में इस विधानसभा सीट का नाम नहीं है।

संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रमेश चन्द्र राय ने बताया, “हमारे पास केन्द्रीय आयोग से जो जानकारी आई थी, हमने इसकी सूचना सभी जिलों को दे दी है। टूंडला को लेकर कोई जानकारी नहीं है। इस पर जैसे ही सूचना मिलेगी अवगत करा दिया जाएगा।”

सूत्रों के अनुसार, फिरोजाबाद की टूंडला सीट पर मामला कोर्ट में होने के कारण इस बार मतदान की तिथि घोषित नहीं की गई है। अभी टूंडला के लिए कोई संकेत भी नहीं मिले हैं।

वहीं फिरोजाबाद जिला प्रशासन को भी उपचुनाव संबंधी कोई सूचना नहीं मिली है। एडीएम आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि अभी टूंडला विधानसभा उपचुनाव के संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग से कोई अधिसूचना नहीं मिली है।

उत्तर प्रदेश में रामपुर की रामपुर सदर के साथ सहारनपुर की गंगोह, अलीगढ़ की इगलास, लखनऊ की लखनऊ कैंट, बाराबंकी की जैदपुर, कानपुर की गोविंदनगर, चित्रकूट की मानिकपुर, बहराइच की बलहा, प्रतापगढ़ की प्रतापगढ़ सदर, हमीरपुर, अंबेडकरनगर की जलालपुर तथा मऊ की घोसी सीटों पर उपचुनाव होने हैं।

उल्लेखनीय है कि 11 विधानसभा सीटों में से रामपुर की सीट समाजवादी पार्टी (सपा) और जलालपुर की सीट बसपा के पास थी और बाकी की सभी नौ सीटों पर भाजपा का कब्जा था।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस

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