उत्तर प्रदेश : सीएम योगी ने उठाया एएमयू में दलित आरक्षण का मुद्दा

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में दलित कार्ड खेलकर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में दलितों के आरक्षण के मुद्दे को एक बार फिर गरमा दिया। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा, “हमारी सरकार भेदभाव नहीं करती है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय भी देश के संविधान पर ही चलता है, फिर भी आज तक उसमें दलितों को आरक्षण देने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।”

मेरठ के सुभारती विश्वविद्यालय में कार्यसमिति की बैठक में योगी ने कहा कि जब सरकार में इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच हो तो कोई भी काम मुश्किल नही है। उन्होंने कहा कि जो लोग वर्षो से राज कर रहे थे, उन लोगों ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में दलितों को मिलने वाले आरक्षण का मामला क्यों नहीं उठाया। इसके लिए पहले की सरकारों में आवाज क्यों नही उठाई गई।

योगी ने कहा, “पिछली सरकारों के दौरान केवल पांच वीआईपी जिलों में ही बिजली आती थी, लेकिन हमारी सरकार ने इस भेदभाव को भी खत्म करने का काम किया है। सरकार ने उप्र के सभी 75 जिलों को एक समान बिजली देने का काम किया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के 16 महीने के भीतर ही उप्र में एक सकारात्मक माहौल तैयार किया गया है। ऐसे काम इच्छाशक्ति से हुआ करते हैं। सरकार ने इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया तो लोगों ने सवाल उठाया और कहा कि इससे कुछ नहीं होगा, लेकिन सरकार ने छह महीने के भीतर ही 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतारकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति हो तो बहुत कुछ किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा 50 हजार करोड़ की योजनाएं पाइपलाइन में हैं, जल्द ही इन्हें भी पूरा किया जाएगा। योगी ने कहा कि शनिवार को रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अलीगढ़ में डिफेंस कॉरीडोर के संदर्भ में हुई बैठक में भी 5 हजार करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता खुला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को अंदाजा नहीं है कि इसके तहत जो योजनाएं लगेंगे, उससे स्थानीय लोगों का कितना विकास होगा। कांवड़ यात्रा को लेकर भी योगी ने अपनी मंशा जाहिर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा के दौरान उपद्रव हुआ करते थे, लेकिन इस सरकार में यह काम भी बिना किसी बाधा के दूर हो गया।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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