उत्तर प्रदेश : कार ने बाइक सवार पिता-पुत्र को रौंदा, पिता की मौत

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उत्तर प्रदेश में सीतापुर-लखीमपुर फोर लेन पर एक बेकाबू कार ने बाइक सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। हादसे में पिता की मौत हो गई। उधर खुद गाड़ी लेकर जा रहे ओयल चौकी इंचार्ज की गाड़ी ने भी भीड़ को टक्कर मार दी। ऐसे में नाराज लोगों ने दरोगा को गाड़ी से खींचकर पीटा। दरोगा भाग निकला तो लोगों ने उसकी गाड़ी को तोड़ दिया। लोगों ने बस पर भी पथराव किया।

दोपहर लखीमपुर-सीतापुर फोर लेन पर ओयल के आगे फरधान थाना क्षेत्र के टीकर गांव निवासी बन्धालाल (50) अपने बेटे आशीष (28) के साथ बाइक से जा रहे थे। लखनऊ की ओर से आ रही कार ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर से बन्धालाल की मौके पर मौत हो गई। उनके बेटे आशीष को लखनऊ रेफर कर दिया गया। इससे फोर लेन पर जाम लग गया। ओयल चौकी इंचार्ज शिव शंकर पटेल गाड़ी लेकर अकेले ही पहुंच गए।

चौकी इंचार्ज खुद गाड़ी चला रहे थे। गाड़ी संभल नहीं सकी और भीड़ से जा टकराई। इसमें चार लोग जख्मी हो गए। लोग भड़क गए। लोगों ने दरोगा को गाड़ी से खींच लिया और पीटना शुरू कर दिया। किसी तरह खुद को बचाकर दरोगा भागा तो पब्लिक ने उसकी गाड़ी तोड़ डाली। बाद में गाड़ी को पलट दिया।

नाराज लोगों ने सीतापुर की तरफ से आ रही मिनी रोडवेज बस पर पथराव कर दिया। इसमें गाड़ी चालक नौरंगाबाद लखीमपुर निवासी गुरशेख खान के नाक में शीशा घुस गया।

इसके बाद एसडीएम सदर नागेन्द्र सिंह, सीओ सिटी आरके वर्मा और खीरी इंस्पेक्टर दीपक शुक्ला मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा कर शांत कराया। तब कहीं जाकर लोग माने और जाम खोला। मृतक के घर वालों ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने हादसे का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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