उत्तर प्रदेश : महराजगंज में बस-ट्रक भिड़े, 3 गंभीर, 19 घायल

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उ.प्र. के जनपद महराजगंज में रविवार की सुबह एक रोडवेज बस और ट्रक में जबरदस्त टक्कर हो गई। इस हादसे में 19 लोग घायल हो गए। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ठूठीबारी थाना क्षेत्र के अंतर्गत लोहरौली के पास गोरखपुर डिपो की रोडवेज बस (यूपी 56 टी 4088) और ट्रक (यूपी 53 ईटी 4112) में टक्कर हो गई। बस और ट्रक की टक्कर में बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि ट्रक पलट गया। इस हादसे का कारण ट्रक की तेज रफ्तार होना बताया जा रहा है।

दोनों वाहनों में टक्कर के कारण 19 लोग घायल हो गए, जिसमें अधिकतर बस सवार बताए जा रहे हैं। सड़क हादसे की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल भेजा। घायलों में तीन लोगों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। महराजगंज पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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