उत्तर प्रदेश : 14 सितंबर तक अपलोड किए जा सकेंगे कृषि यंत्र खरीद का बिल

0
140

उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि यंत्रीकरण माह के अंतर्गत चयनित किसान लाभार्थियों के लिए कृषि यंत्र खरीदकर बिल एवं अभिलेख अपलोड करने की समय सीमा 14 सितंबर तक बढ़ा दी है।

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि राज्य सरकार ने किसानों के लिए अगस्त माह को ‘कृषि यंत्रीकरण माह’ मनाने का निर्णय किया था, जिसमें 1.10 लाख किसानों का चयन कृषि यंत्रों के लिए किया गया, जिसके सापेक्ष अभी तक मात्र 8662 कृषि यंत्रों का ही क्रय कृषकों द्वारा किया गया है।

उन्होंने बताया कि सभी किसानों को कृषि यंत्र खरीदकर बिल एवं अन्य दस्तावेज 31 अगस्त से 4 सितंबर के बीच अपलोड करना था, लेकिन अभी तक अधिकांश किसानों ने कृषि यंत्र संबंधी बिल एवं दस्तावेज अपलोड नहीं किए हैं, इसलिए उन्हें एक और अवसर प्रदान करते हुए अपलोड करने की समय सीमा को बढ़ाकर 14 सितंबर तक कर दिया गया है, ताकि वे सुगमतापूर्वक अपने बिल एवं दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड करा सकें।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleलखनऊ में नकली नोट छापने वाले दो शातिर गिरफ्तार
Next articleमुंबई सिटी एफसी ने दूसरा प्री-सीजन मैच जीता
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here