उत्तर प्रदेश : 7 अपर पुलिस अधीक्षकों का तबादला

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उत्तर प्रदेश शासन ने मंगलवार को 7 अपर पुलिस अधीक्षकों (एएसपी) का तबादला कर दिया। आगरा में स्टाफ ऑफिसर एडीजी जोन में तैनात अशोक कुमार को गौतमबुद्धनगर का क्राइम ब्रांच का एएसपी बनाया गया है, वहीं गौतमबुद्ध नगर में क्राइम बांच में तैनात प्रतिबाला गुप्ता को सीतापुर में एएसपी एटीसी के पद पर भेजा गया है।

इसी तरह लखनऊ में विशेष जांच टीम के एएसपी ज्ञानेंद्र कुमार सिंह को एएसपी सुरक्षा के पद पर मथुरा भेजा गया है, वहीं मथुरा में तैनात सुरक्षा व्यवस्था के एएसपी सिद्धार्थ वर्मा को हाथरस का एएसपी बनाया गया है। इसके अलावा हाथरस के एसपी रहे अरविंद कुमार को उप सेना नायक 49वीं वाहिनी पीएसी में तैनाती दी गई है और वाराणसी के स्टाफ ऑफिसर एडीजी जोन राजेश कुमार श्रीवास्तव को बागपत के एएसपी बनाया गया है।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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