उत्तर प्रदेश : पिता सहित परिवार के 5 सदस्यों का हत्यारोपी बेटा गिरफ्तार

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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिला मुख्यालय में गुरुवार देर शाम एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर हत्यारोपी बड़े बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने शुक्रवार को देर शाम बताया, “एक ही परिवार के पांच सदस्यों रईश (27) पुत्र नूरबक्स, उसकी पत्नी रोशनी (25), बेटी आलिया (4) और दादी शकीना (85) की हत्या का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर नूरबक्स के बड़े बेटे नफीस को गिरफ्तार कर लिया गया है। नफीस ने पुलिस हिरासत में हथौड़ा से कुचल कर हत्या करना स्वीकार किया है। उसकी निशानदेही पर खून से सना हथौड़ा भी बरामद कर लिया गया है।”

उन्होंने बताया, “नफीस ने हत्या की वजह संपत्ति विवाद बताया है। नफीस नूरबक्स की दूसरी बीवी का बेटा और मृतक रईश का सगा भाई है। नूरबक्स के साथ ही रहता है। घटना के समय नूरबक्स अपनी दूसरी बीवी और हत्यारोपी बेटे की पत्नी (बहू) को साथ लेकर एक अन्य गांव शादी समारोह में गया हुआ था। घटना के बाद से ही नफीस गायब था, जिससे शक की सुई उसकी ओर घूमी।”

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


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बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

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