उत्तर प्रदेश : कुशीनगर में 2562वें बुद्ध पूर्णिमा समारोह का आगाज

0
347

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन स्थली कुशीनगर में 2562वें बुद्ध पूर्णिमा समारोह का आगाज सोमवार को भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ। महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर के सामने विभिन्न मठों के आकर्षक तरीके से सजे जुलूस एकत्रित हुए। यहां से भदंत एबी ज्ञानेश्वर की उपस्थिति में कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी, म्यांमार के राजदूत मोये यो अंग और डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह ने धम्म ध्वज दिखाकर शोभायात्रा को रवाना किया।

प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुशीनगर में बुद्ध पूर्णिमा को लेकर जोरदार तैयारियां हुई थीं। समारोह में आए सभी अतिथियों ने कहा कि बौद्ध धर्म करुणा, मैत्री और शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। इसको अपनाकर जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। आज दिन-प्रतिदिन इसकी प्रासंगिकता बढ़ती ही जा रही है। बुद्ध के संदेश आज कई देशों में तेजी के साथ बढ़ रहे हैं, जिसको अपनाकर लोग विश्व में शांति की स्थापना कर रहे हैं। लेकिन भारत, जहां बुद्ध ने जन्म लिया और बौद्ध धर्म की उत्पत्ति हुए वहां लोग मंदिर-मस्जिद के झगड़ों में उलझे हुए हैं।

इस शोभायात्रा का जुलूस कुशीनगर से कसया, गांधी चौक, ओवरब्रिज, रामाभार स्तूप, थाई मंदिर होते हुए झुंगवा, सुखारी छपरा के बाद म्यांमार बुद्ध मंदिर के सभा मंडप में पहुंचकर समाप्त हुआ।

इससे पहले मुख्य मंदिर में विशेष पूजा की गई। जुलूस का जगह-जगह स्वागत किया गया। कई जगहों पर शीतल पेयजल और शर्बत पिलाने की व्यवस्था की गई थी। जुलूस के साथ लोक कलाकारों द्वारा संगीत की धुन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। सुरक्षा के कड़े व्यवस्था की गई थी।

न्यूज स्त्रोत आईएएनएस


SHARE
Previous articleमायावती ने कहा, बुद्ध के अहिंसा संदेश बिना बिखर रहा देश
Next articleनेपाल में बुद्ध जयंती मनाई गई, जानिए इसके बारे में !
बहुत ही मुश्किल है अपने बारे में लिखना । इसलिए ज्यादा कुछ नहीं, मैं बहुत ही सरल व्यतित्व का व्यक्ति हूं । खुशमिजाज हूं ए इसलिए चेहरे पर हमेशा खुशी रहती हैए और मुझे अकेला रहना ज्यादा पंसद है। मेरा स्वभाव है कि मेरी बजह से किसी का कोई नुकसान नहीं होना चाहिए और ना ही किसी का दिल दुखना चाहिए। चाहे वो व्यक्ति अच्छा हो या बुरा। मेरे इस स्वभाव के कारण कभी कभी मुझे खामियाजा भी भुगतान पड़ता है। मैं अक्सर उनके बारे में सोचकर भुला देता हूं क्योंकि खुश रहने का हुनर सिर्फ मेरे पास है। मेरी अपनी विचारए विचारधारा है जिसे में अभिव्यक्त करता रहता हूं । जिन लोगों के विचारों से कभी प्रभावित भी होता हूं तो उन्हें फोलो कर लेता हूं । अभी सफर की शुरुआत है मैने कंप्यूटर ऑफ माटर्स की डिग्री हासिल की है और इस मीडीया क्षेत्र में अभी नया हूं। मगर मुझे अब इस क्षेत्र में काम करना अच्छा लग रहा है। और फिर इसी में काम करने का मन बना लेना दूसरों के लिये अश्चर्य पूर्ण होगा। लेकिन इससे पहले और आज भी ब्लागर ने एक मंच दिया चिठ्ठा के रुप में, जहां बिना रोक टोक के आसानी से सबकुछ लिखा या बताया जा सका। कभी कभी मन में उठ रही बातों या भावों को शब्दों में पिरोयाए उनमें खुद की और दूसरों की कहानी कही। कभी उनके द्वारा किसी को पुकाराए तो कभी खुद ही रूठ गया। कई बार लिखने पर भी मन सतुष्ट नहीं हुआ और निरंतर कुछ नया लिखने मन बनता रहता है। अजीब सी बेचैनी जो न जाने क्या करवाएगी और कितना कुछ कर गुजर जाने की तमन्ना लिए निकले हैं इन सफरों, जहां उम्मीद और विश्वास दोनों कायम हैं जो अर्जुन के भांति लक्ष्य को भेद देंगे । मुझे अभी अपने जीवन में बहुत कुछ करना है किसी के सपनों को पूरा करना हैं । अब तो बस मेरा एक ही लक्ष्य हैं कि मैं बस उसके सपने पूरें करू।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here